एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ बाराबंकी में मुकदमा दर्ज कराया गया है। दरअसल असदुद्दीन ओवैसी ने नगर कोतवाली क्षेत्र में स्थित कटरा बारादरी में एक जनसभा की थी। जिएमें ओवैसी पर धार्मिक भावनाएं भड़काने समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। उन पर बिना अनुमति जनसभा करने और लोगों को रामसनेहीघाट मस्जिद के नाम पर भड़काने का आरोप लगा है। मुकदमे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का भी आरोप है।

यह मुकदमा नगर कोतवाली में सिटी पुलिस चौकी प्रभारी हरिशंकर साहू की तहरीर पर बिना अनुमति के जनसभा करने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने, धारा 144 व कोविड-19 एवं महामारी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। ओवैसी के कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी गई थी। पार्टी के पदाधिकायिों ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात और चाय पार्टी करने की मंजूरी ली थी। उसके बावजूद बड़े मैदान में बाकायदा मंच बनाकर जनसभा करा दी गई। कार्यक्रम में सैकड़ों की भीड़ जुटी जबकि जिला प्रशासन द्वारा सिर्फ 50 लोगों की अनुमति दी गई थी। जनसभा में सीतापुर, अतरौला व लखनऊ समेत कई जिलों के लोग पहुंचे थे। साउंड और दूसरी व्यवस्थाएं भी रहीं, लेकिन पुलिस कार्रवाई के बजाय मूकदर्शक बनी रही। मामला जब अपर मुख्य सचिव गृह तक विधायक ने पहुंचाया तब रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

दरअसल बाराबंकी में दरियाबाद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक सतीश चंद्र शर्मा ने इससे पहले ही ओवैसी और कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ एफआईआर कराए जाने की मांग अपर मुख्य सचिव गृह से पत्र लिखकर की थी। उसकी कॉपी डीएम व एसपी को भी भेजी। विधायक ने अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में लिखा है कि कटरा मुहल्ला में बिना अनुमति के मीटिंग कर ओवैसी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर रामसनेहीघाट में 100 साल पुरानी मस्जिद शहीद कराने का आरोप लगाया है जो निंदनीय और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाला है, जबकि अवैध ढांचे को संवैधानिक प्रक्रिया के तहत गिराया गया है। इसलिए इनपर सख्त कार्रवाई की जाए।

वह इस मामले में बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि एआईएमआईएम प्रमुख असद्दुदीन ओवैसी और कार्यक्रम आयोजक मंडल के खिलाफ केस दर्ज किया है। नगर कोतवाली में धारा 153A, 188, 269, 270 और महामारी अधिनियम 3 के तहत यह केस दर्ज किया गया है। एसपी ने बताया कि ओवैसी की जनसभा में कोविड गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाई गईं। 50 लोगों की परमीशन के बावजूद जनसभा में भारी जनसमूह को इकट्ठा किया गया। साथ ही ओवैसी ने जनसभा के दौरान प्रशासन पर रामसनेहीघाट में मस्जिद गिराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ओवैसी ने ऐसा भड़काऊ भाषण देकर साम्प्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की है। साथ ही उन्होंने पीएम मोदी और सीएम योगी को लेकर भी जनसभा में बयानबाजी की है। जिसको लेकर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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