काशी हि‍न्‍दू वि‍श्‍ववि‍द्यालय (बीएचयू) में अर्थशास्‍त्र वि‍भाग में प्रोफेसर रहे आर सुब्रह्मण्‍यम का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया। आर सुब्रह्मण्‍यम कई भाषाओं के वि‍द्वान भी रहे। उनके नि‍धन से वि‍श्‍ववि‍द्यालय परि‍वार में शोक की लहर है।

अर्थशास्‍त्र वि‍भाग के वि‍भागाध्‍यक्ष सहि‍त तमाम प्राध्‍यापकों ने उनके नि‍धन पर गहरा शोक व्‍यक्‍त कि‍या है।

अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो बीवी सिंह उन्हें याद करते हुए कहा कि वो सहज एवं सुलझे हुए व्यक्ति थे। वे न केवल अपने विषय के विद्वान थे, वरन दूसरे विषयों के भी जानकर थे। भाषा पे भी आर सुब्रह्मण्‍यम की अद्भुत पकड़ थी।

वे हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी, बंगला, तेलगू और कन्नड़ सहि‍त अन्य कई भाषाओ में वाक् एवं लेखन में निपुण थे।

वहीं प्रोफेसर डीके मिश्र ने सुब्रह्मण्‍यम साहेब को प्रतिबद्ध व्यक्ति तथा प्रो ए के दास गुप्ता का प्रिय बताया। प्रो ए के गौड़ ने बताया की वो हमेसा कक्षा के समय से पहले आ जाया करते थे।

विद्याथियो में बहुत प्रिय एवं सम्मानित शिक्षक थे। डॉ एन पी सिंह ने बताया की वो पठन और पाठन दोनों क्षेत्रो में अत्यन्त ही ईमानदार रहे।

डॉ अनूप मिश्रा ने बताया कि आपने बहुत लम्बे समय तक बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की सेवा में अपना जीवन व्यतीत किया। आप विद्याथियो के प्रिय शिक्षक एवं प्रेरणा रहे। आपके विचार हमेशा विद्यार्थी केंद्रित रहे।

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