गंगा के जलस्‍तर में बढ़ाव लगातार जारी है। मंगलवार रात से शुरू हुआ गंगा नदी में बढ़ोत्‍तरी का क्रम बुधवार रात 9 बजे की रि‍पोर्ट में यथावत रहा। केंद्रीय जल आयोग की रात 9 बजे की रि‍पोर्ट में गंगा का जलस्‍तर प्रति‍घंटा दो सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ता हुआ मापा गया है।

पहाड़ी और मैदानी क्षेत्र में लगातार हो रही बारि‍श के कारण ये बढ़ाव रि‍कॉर्ड कि‍या जा रहा है। गंगा के जलस्‍तर में दोबारा बढ़ाव को देखते हुए जि‍ला प्रशासन और तटवर्ती इलाकों के लोगों की चिंताएं एक बार फि‍र गहराने लगी हैं।

बुधवार रात 9 बजे की रि‍पोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्‍तर 64.20 मीटर पर मापा गया है। गंगा अपने चेतावनी बिंदु से फि‍लहाल 7 मीटर नीचे बह रही हैं। वहीं गंगा के बढ़ाव से एक बार फिर काशी के प्रसिद्द घाटों का आपसी संपर्क टूटना शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि‍ वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर है, जबकि‍ खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। आंकड़ों की बात करें तो 9 सितम्बर सन 1989 में वाराणसी में गंगा अपने उच्‍च्‍तर बिंदु 73.901 मीटर को छू चुकी हैं। उस समय गंगा का पानी लक्सा तक पहुँच गया था।

वहीं इस साल 2021 के अगस्‍त महीने में गंगा ने बीते 8 साल का रिकार्ड तोड़ा था। गंगा का जलस्‍तर इस साल खतरे के निशान को पार करता हुआ 72 मीटर से भी ऊपर था, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्र के तमाम इलाकों, रि‍हायशी घरों और खेतों में बाढ़ का पानी घुस गया था।

इस साल वाराणसी में 30 हजार से ज्‍यादा की आबादी गंगा के बाढ़ के कारण बुरी तरह से प्रभावि‍त रही।

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