विन्ध्याचल गंगा नदी में नाव डूबी , नाव में सवार कुल चौदह में से छह गंगा में समा गए । विन्ध्याचल के अखाड़ा घाट के सामने उसपार नाव पर सवार होकर नाविक व स्थानीय फोटोग्राफर सहित कुल चौदह लोग स्नान कर वापस लौट रहे थे , उसी वक़्त तेज हवा के साथ ज़ोरदार बारिश शुरू हो गई । जिसके चलते नाव नाविक के नियंत्रण से बाहर होकर वहीं जलमग्न हो गई ।

नाव पर सवार लोगों में से आठ लोग तो बाहर आ गए पर , छह लोग वही नाव के साथ पानी मे समा गए । प्राप्त जानकारी के अनुसार राँची , झारखण्ड व बक्सर , बिहार से जीजा साले का परिवार एक निजी वाहन से माँ विन्ध्यवासिनी के दर्शन हेतु आया था । दर्शन के पूर्व गंगास्नान के लिए अखाड़ा घाट पहुँचे । घाट पर अपनी मोटरबोट के साथ नाविक ने उन्हें बताया कि नदी के उस पार स्नान करने के लिए बेहतर स्थान है ।

नाविक के समझाने के पश्चात समस्त दर्शनार्थी जिसमे चार आदमी तीन औरत व पाँच बच्चे शामिल थे । एक स्थानीय फोटोग्राफर भी उनका फोटो शूट के लिए नाव पर सवार हो गया ।

नाव चालक सहित कुल चौदह लोग नाव पर सवार होकर नदी के उस पार पहुँचे , जहाँ उनलोंगो ने आनन्दित होकर स्नान किया । अचानक तेज हवाओं के साथ बरसात होने लगी । सभी लोग पुनः नाव पर सवार होकर वापस लौटने लगे । एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार नाव एक नाबालिक लड़का चला रहा था ।

तेज बहाव के विरुद्ध उसने नाव को काफी तीव्रता से मोड़ने का प्रयास किया जिसके चलते नाव अनियंत्रित होकर पानी मे डूबने लगी । नाव के ऊपर बैठने के लिए रखा हुआ थर्माकोल के सीटों की बदौलत चारो पुरुष पानी के ऊपर आ गए । उन्होंने अपनी दो पुत्रियों को भी ऊपर खींच लिया ।

नाविक व स्थानीय फोटोग्राफर भी जो तैरना जानते थे पानी के ऊपर थे । घटना का दृश्य देखकर घाट के किनारे खड़े नाविक अपनी मोटरबोट लेकर जबतक घटनास्थल तक पहुँच पाते तबतक बाकी छह और सवार नाव सहित पानी मे समाहित हो चुके थे ।

डूबने वालों में गुड़िया 28 वर्ष पत्नी विकास , खुशबू 30 वर्ष पत्नी राजेश , अनीसा 26 वर्ष पत्नी दीपक , सत्यम 5 वर्ष पुत्र विकास , शौर्य ढाई वर्ष पुत्र विकास व दीपक का एक दो माह का दुधमुंहा बच्चा शामिल थे ।

वही राजेश , विकास , दीपक , सुदीप कुमार , अलका 9 वर्ष पुत्री राजेश , रितिका 7 वर्ष पुत्री राजेश , नाविक गोटम पुत्र गुरु निषाद तथा स्थानीय फोटोग्राफर नाम ज्ञात नही इत्यादि सुरक्षित रूप से बाहर लाये गए । नाविक गोटम व अलका को इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया । जहाँ उपचार के पश्चात उनकी हालत स्थिर थी ।

घटना के बाद घाट के किनारे स्थानीयों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी । घटना जानकारी के पश्चात जनपद के आलाधिकारी मौके पर पहुँचे । अधिकारियों घटना को अत्यंत दुखद बताया ।

जिलाधिकारी प्रवीणकुमार लक्षकार ने कहा कि गंगानदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही मैंने करीब डेढ़ महीने पूर्व नाव संचालन पर पूर्ण पाबन्दी के निर्देश दिया था , उसके बावजूद नदी में नाव संचालित होना बड़ी लापरवाही है ।

इस लापरवाही के चलते इतनी बड़ी व दुःखद घटना घटी है । जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्यवाई की जाएगी।पुलिस उपमहानिरीक्षक आर के भारद्वाज व पुलिसअधीक्षक अजयकुमार सिंह ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर सुरक्षित परिजनों से बातचीत की ।

डूबे लोगो की खोज में गोताखोरों के अतिरिक्त पीएसी व एनडीआरएफ की टीम जुटी थी । नगरमजिस्ट्रेट विनयकुमार सिंह व क्षेत्राधिकारी नगर प्रभात राय व तीन थानाक्षेत्रों की टीम पूरी जिम्मेदारी से डूबे लोगों की तलाश में जुटे लोगों के साथ मोटरबोट पर सवार होकर भ्रमण करते दिखाई दिए । नगरविधायक रत्नाकर मिश्र भी घटनास्थल पर पहुँचे । उन्होंने हर सम्भव सरकारी मदद का आश्वासन दिया ।

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