करनाल जिला प्रशासन के साथ बातचीत नाकाम होने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली की तर्ज पर करनाल में भी अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का एलान कर दिया है।

यह धरना करनाल के लघु सचिवालय परिसर में दिया जाएगा, जिसमें उत्तर प्रदेश व पंजाब के किसान भाग लेंगे। किसानों की इस घोषणा के बाद सरकार सतर्क हो गई है। इस बाबत करनाल में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

बीती 28 अगस्त को किसानों पर हुए लाठीचार्ज में दर्जनों किसान घायल हो गए थे। इस लाठीचार्ज से पहले करनाल के एसडीएम आयुष सिन्हा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह किसानों पर लाठीचार्ज करने का आदेश दे रहे थे।

इस घटना में घायल किसान सुशील काजल की मौत से भड़के किसानों ने मंगलवार को करनाल में महापंचायत का आयोजन किया। किसानों की मांग है कि आइएएस आयुष सिन्हा को बर्खास्त करके उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए और मृतक किसान के परिजनों को मुआवजा देकर एक परिजन को नौकरी दी जाए।

दोपहर लघु सचिवालय में हुई बैठक में प्रशासन की तरफ से करनाल के पुलिस अधीक्षक, करनाल रेंज की आइजी और करनाल के मंडल आयुक्त के अलावा किसानों की तरफ से राकेश टिकैत, गुरनाम सिंह चढूनी, योगेंद्र यादव समेत 11 नेता शामिल हुए। करीब चार घंटे तक चली बैठक में प्रशासन ने किसानों की मांगे मानने से इनकार कर दिया।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि करनाल में भी दिल्ली की तर्ज पर अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बैठक में अधिकारी कोई भी मांग मानने के लिए तैयार नहीं थे।

टिकैत ने कहा कि करनाल धरने में हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के किसान भाग लेंगे। इस धरने के दौरान लघु सचिवालय में आने वाले कर्मचारियों और सामान्य लोगों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। किसान नेताओं ने कहा कि प्रशासन जब तक उनकी मांगे नहीं मानेगा तब तक करनाल में धरना जारी रहेगा।

किसानों को संबोधित करते हुए योगेंद्र यादव ने कहा, हम लोग अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और प्रशासन मुआवजे पर ही अपना ध्यान केंद्रित करने को कह रहा है। हमने उन्हें बता दिया है कि यह हमारी इज्जत का सवाल है।

हम अपने स्तर पर ही मुआवजा इकट्ठा कर सकते हैं। उन्होंने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई से साफ इनकार कर दिया। बर्खास्तगी तो छोड़ो वह तो उसे निलंबित करने को भी तैयार नहीं हैं।’

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