नई दिल्ली: दिल्ली के बसई दारा पुर इलाके से गुरुवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पुलिस को खबर मिली कि एक फ्लैट के अंदर से काफी बदबू आ रही है। जिसके बाद लोकल पुलिस की एक टीम बसई दारापुर के एक मकान की तीसरी मंजिल पर पहुंची। 

वहां उन्हें जिस फ्लैट से बदबू आ रही थी उसके बाहर ताला जड़ा मिला। इसके बाद पुलिस की टीम दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची तो देखा अंदर एक सड़ी गली लाश पड़ी हुई है। ऐसा लग रहा था कि जैसे उस शख्श की मौत 4 से 5 दिन पहले हुई हो।

पुलिस को शव के पास एक मोबाइल फोन मिला, जिसकी जांच की तो पता चला यह मोबाइल फोन नेशनल कॉन्फ्रेंस के जम्मू के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर का है। जब पुलिस ने त्रिलोचन सिंह वजीर के बारे में जानने की कोशिश की तो पता लगा कि एक सितंबर को त्रिलोचन सिंह जम्मू से दिल्ली आए थे और तीन सिंतबर को उन्हें कनाडा जाना था। लेकिन उन्होंने फ्लाइट नहीं पकड़ी और तभी से वह गायब थे। जबकि परिवार वाले उनकी तलाश में जुटे थे।

जैसे ही पुलिस को कन्फर्म हुआ कि यह शव नेशनल कांफ्रेंस के नेता त्रिलोचन सिंह वजीर का ही है, तुरंत दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और मामले की जांच शुरू कर दी।

पुलिस कह रही है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस अभी यह भी नहीं बता रही है कि त्रिलोचन सिंह की हत्या की गई है या फिर किसी और वजह से उनकी मौत हुई।

पुलिस का कहना है कि एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया गया है। मोबाइल फोन जो त्रिलोचन सिंह का मौके से मिला है, उसकी जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिरी बार उनका फोन कब इस्तेमाल हुआ और उसके पहले उन्होंने किस से बात की।

दिल्ली पुलिस आसपास के तमाम सीसीटीवी कैमरे के फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लग सके कि त्रिलोचन सिंह कब बसई दारापुर के इस फ्लैट पर पहुंचे थे।

जानकारी के मुताबिक, ये फ्लैट किसी हरप्रीत सिंह ने किराए पर लिया था। अब सवाल ये भी है कि हरप्रीत का त्रिलोचन सिंह से क्या संबंध था। त्रिलोचन सिंह आखिर यहां क्या करने आये थे। एनसी के एमएलसी रहे त्रिलोचन सिंह जम्मू कश्मीर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के चेयरमैन भी रहे हैं।

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