आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के अफसरों की लापरवाही से इतने भवनों पर कब्जा हो गया है। इन भवनों पर तीन से पांच साल से लोग रह रहे हैं। यह भवन ताजनगरी प्रथम और द्वितीय चरण, शास्त्रीपुरम, कालिंदी विहार, जवाहरपुरम, शहीद नगर, अशोक नगर आवासीय योजना के भवन हैं।

इसमें एडीए के कर्मचारियों की मिलीभगत से इन्कार नहीं किया जा सकता है। शिकायतों ने पोल खोल दी है। शिकायतकर्ता भीम सिंह का कहना है कि शास्त्रीपुरम योजना में 70, ताजनगरी में 30, कालिंदी विहार योजना में 48 लोग प्रमुख रूप से शामिल हैं। एडीए उपाध्यक्ष डा. राजेंद्र पैंसिया ने जांच दिए हैं।

आखिर किसकी जेब में जा रहा है किराया : कालिंदी विहार में कई भवन ऐसे हैं जिन्हें गुपचुप तरीके से किराए पर उठाया गया है। किराए पर भवन उठाने का आदेश किसने दिया, इसे लेकर अफसर भी कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। आवंटियों से हर माह किराया लिया जा रहा है।

जल्द खाली कराए जाएंगे भवन : एडीए उपाध्यक्ष डा. राजेंद्र पैंसिया का कहना है कि विभिन्न आवासीय योजनाओं के 500 भवनों पर लोग कब्जा कर रह रहे हैं। जल्द ही भवनों को खाली कराया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी या अधिकारी इसके लिए दोषी है तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई होगी।

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