त्रिपुरा में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी सीपीएम के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़प में दस लोग घायल हो गए। इंडियन एक्सप्रेस के समाचार के अनुसार दो पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ सहित कम से कम छह वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया है।

हिंसा बुधवार को हुआ जिसमे गोमती जिले के उदयपुर, सिपाहीजला जिले के बिशालगढ़, पश्चिम त्रिपुरा जिले के हापबिया और मेलरमठ इलाकों में हिंसक झड़प हुयी। यहाँ कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य मुख्यालय, सदर संगठनात्मक जिला मुख्यालय और एक स्थानीय पार्टी कार्यालय पर कथित तौर पर हमला किया गया और कार्यालय को आग के हवाले कर दिया गया।

पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। सिपाहीजला जिले के धनपुर और बाशपुकुर गांव में मंगलवार को दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प खबर है जिसमे कई लोग घायल हुए है।

त्रिपुरा पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि तीनों जगहों से शुरुआती रिपोर्ट मिली है जहां झड़प की खबर आई है। इस हिंसा में कितना नुकसान हुआ है इसका अभी पूरा आकलन होना बाकी है।

अगरतला में तीन कारों और कुछ मोटरसाइकिलों सहित लगभग छह वाहनों को जला दिया गया। विशालगढ़ और हापनिया में पार्टी कार्यालय जलकर खाक हो गए। उदयपुर जिले में एक पार्टी कार्यालय पर हमला किया गया।

वहीं माफिज मियां नाम का युवक घायल हो गया। घटना पर एक मामला दर्ज किया गया था और दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था, ”एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि स्वत: संज्ञान मामले भी दर्ज किए जा रहे हैं।

बुधवार को एक संवाददाता सम्मेलन में, त्रिपुरा वाम मोर्चा के संयोजक बिजन धर ने कहा, “हमने विशालगढ़ में एक पार्टी की बैठक की थी। वापस जाते समय, हमें पता चला कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक बुलडोजर लिया, हमारे जिला पार्टी कार्यालय के गेट को तोड़ दिया, दरवाजे तोड़ दिए और आग लगा दी। हमारी पार्टी के नेता पार्थ प्रतिम मजूमदार के घर में भी तोड़फोड़ की गई। हमारे युवाओं ने उदयपुर में नौकरी की मांग को लेकर एक रैली का आयोजन किया था लेकिन पुलिस ने पूर्व अनुमति के बावजूद रैली को रोक दिया था। हमारे समर्थकों ने सड़क जाम कर दिया जहाँ उनपर हमला हुआ और स्थानीय जिला मुख्यालय पर हमला किया गया था।”

धर ने दावा किया कि सीपीएम सदर संगठनात्मक जिला समिति कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और अगरतला के मेलरमठ में पार्टी के राज्य मुख्यालय पर हमला किया गया।

“वे राज्य मुख्यालय के अंदर आए। मैं अंदर था। मैंने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन उन्होंने मेरी अवहेलना की, पार्टी के दस्तावेजों को क्षतिग्रस्त कर दिया, हमारे नेताओं के फोटो फ्रेम तोड़ दिए, टेलीविजन सेट नष्ट कर दिए और हमें हमारी राजनीतिक गतिविधियों को रोकने की धमकी दी। हमारे कार्यालय के सामने भी कुछ वाहनों और मोटरसाइकिलों में आग लगा दी गई “

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