मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीबी सिंह ने मंगलवार को ब्लॉकवार आशा कार्यकर्तियों और आशा संगिनियों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान 10 आशा कार्यकर्तियों को स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रति निष्क्रिय पाये जाने पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें कार्यों से मुक्त करने के लिए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया।

समीक्षा के दौरान पाया गया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रमों यथा आयुष्मान भारत योजना, जननी सुरक्षा योजना, जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, परिवार कल्याण कार्यक्रम एवं नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में विगत कई माह से कार्यों में निष्क्रियता व शिथिलता दिखाने के कारण संबन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारी द्वारा सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दी गयी थी।

इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने संबन्धित ग्राम सभा के ग्राम प्रधानों को उपरोक्त आशा कार्यकर्ताओं की सेवा कार्य से मुक्त करने के लिए प्रभारी चिकित्साधिकारियों को नोटिस निर्गत करने के लिए निर्देशित किया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जो भी आशा कार्यकर्ती एवं आशा संगिनी अपने कार्यों मे लापरवाही बरतती हुई पायी जाएंगी, उनके विगत तीन माह के कार्यों की समीक्षा करते हुये सेवा से मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही इनके पर्यवेक्षण का कार्य कर रहे ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (बीसीपीएम) को भी चेतावनी निर्गत करते हुये कहा कि, जिसके भी ब्लॉक में तीन से अधिक आशा निष्क्रिय पायी जाती हैं और उनकी सूचनाएं मासिक बैठकों में सूचित नहीं की जाएगी तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कार्यवाई की जाएगी।

इसके साथ ही बैठक में प्रभारी चिकित्साधिकारियों से प्रत्येक माह की तीन तारीख को उनके अधीन कार्यरत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्य प्रगति-प्रदर्शन की रिपोर्ट प्रेषित करने का निर्देश दिया गया।

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