भाजपा के तमाम दिग्गजों समेत आम कार्यकर्ता तक ऐसी-ऐसी बयानबाजी करते रहते हैं, जिससे विवाद पैदा होता रहता है। अब मध्य प्रदेश की पर्यटन, संस्कृति और अध्यात्म मंत्री उषा ठाकुर एक बयान के बाद विवादों में हैं।

राजपूत महापंचायत की महिला विंग द्वारा मंगलवार 7 सितंबर को आयोजित नारी शक्ति कार्यक्रम में महू से विधायक और मंत्री उषा ठाकुर ने मांग कर डाली कि वर्तमान में बढ़ रहे खतरों से निपटने के लिए हर घर में लाइसेंसी अस्त्र-शस्त्र और शास्त्र रखे जाएं।

घरों में महापुरुषों के चित्र भी लगाए जाएं, क्योंकि अबतक देश को सही इतिहास से वंचित रखा गया है। उषा ठाकुर कहती हैं, इतिहास उठाकर देख लीजिए, मुसलमानों की चौथी और पांचवीं पीढ़ी हिंदू ही होगी।

मेरे सामने भी ऐसे कई उदाहरण हैं। बकौल उषा ठाकुर भारत समेत पूरे विश्व का भगवाकरण होना चाहिए, तभी मानवता के लिए सुख शांति आ पाएगी। भगवा का अर्थ त्याग और तपस्या है, भोग-विलास नहीं। अगर ये सभी गुण इंसानों में आ जाएं तो इससे अच्छा क्या होगा।

ठाकुर ने MBBS के छात्रों को RSS के नेताओं के बारे में पढ़ाये जाने का समर्थन करते हुए कहा जब प्रेरक व्यक्तियों का इतिहास पढ़ाया जाता है तो निश्चित ही सेवा भाव उत्पन्न होता है। मुस्लिमों के खिलाफ जहर उगलत हुए उषा ठाकुर बोलीं, आजादी के बाद की पुस्तकों में मुगलों का ज्यादा ही महिमामंडन किया गया है।

हमें इतिहास में बाबर और गजनी पढ़ाया गया, जबकि राजपूतों की शौर्य गाथाओं को दबा दिया गया। अब बच्चों को संस्कार देने और परिवार के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आध्यात्मिक शिक्षा और नियमित पूजा-हवन करने का वक्त आ गया है।

उषा ठाकुर ने इस दौरान गीतकार जावेद अख्तर को भी आड़े हाथों लिया। उनके द्वारा तालिबान से RSS की तुलना करने को उन्होंने दुखद बताते हुए कहा कि जिस देश ने जावेद अख्तर को नाम और शोहरत दी, उस देश के सेवाभावी संगठन के बारे में ऐसा कहना बहुत दुखद है। उनको बोलने से पहले सोचना चाहिए था।

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