कर्वी कोतवाली अंतर्गत कसहाई गांव में पति की मौत के बाद बच्चों को ननिहाल में छोड़कर लिव इन रिलेशन में रह रही भाभी और देवर के शव मंगलवार की सुबह कमरे में मिले तो सनसनी फैल गई।

सुबह सास ने दरवाजा खोला तो महिला का शव चारपाई पर पड़ा था और देवर का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। पड़ोसियों ने भाभी की हत्या के बाद देवर के खुदकुशी करने का संदेह जताया है, वहीं पुलिस घटना को आत्महत्या मान रही है। इसके साथ ही सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।

कसहाई गांव निवासी 36 वर्षीय सुखेन वर्मा मजदूरी करता था और उसके बड़े भाई भुइयादीन की चार साल पहले टीबी की बीमारी से मौत हो गई थी। इसके बाद वह 40 वर्षीय भाभी गिरजादेवी के साथ लिव इन रिलेशन में रहने लगा था। साथ में उसकी मां बुधुलिया देवी और भाई के तीन बेटे भी रहते हैं।

पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि बड़ा बेटा दीपक पूना में मजदूरी करने चला गया है और उसके दोनों भाई ननिहाल में जाकर रहने लगे हैं। घर में सुखेन और गिरजा देवी थे।

मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे मां बुधुलिया ने देखा कि बहू व बेटा सोकर नहीं उठे हैं तो वह कमरे में पहुंची। कमरे में दोनों के शव देख उसके मुंह से चीख निकल पड़ी तो मोहल्लावाले एकत्र हो गए।

सूचना मिलने के बाद सीओ सिटी शीतला प्रसाद पांडेय, कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र कुमार त्रिपाठी फोर्स के साथ पहुंच गए। सीओ सिटी ने बताया कि देवर और भाभी लिव इन रिलेशन में रहते थे।

प्रथम दृष्टया दोनों के आत्महत्या करने की पुष्टि हुई है। लोगों से जानकारी हुई है कि सुखेन राजस्थान में ईट भट्टा में काम करता था और शराब पीने का आदी था। किसी से उसने काम के लिए एडवांस रुपये भी लिया था। इसे लेकर उसका अक्सर गिरजा से विवाद होता था।

संभावना है कि सोमवार की रात भी दोनों में झगड़ा हुआ है, जिसमें गिरजा ने जहर खा लिया। उसकी मौत के बाद सुखने ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुखेन का शव कमरे के दरवाजे पर रस्सी से लटका मिला है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

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