गोपालगंजः बिहार के गोपालगंज में चमकी बुखार के लक्षण वाले बच्चों की मौत का सिलसिला नहीं थम रहा. बुधवार की सुबह सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक और बच्चे की मौत हो गई।

वह 10 दिनों से बुखार से पीड़िता था और उसका इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा था. बच्चा कुचायकोट थाने के नया टोला निवासी जवाहर लाल मिश्र का 11 साल का पुत्र रविषेक कुमार था.

परिजनों के मुताबिक बुखार होने के बाद स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां से डॉक्टर ने कुचायकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रेफर किए जाने के बाद बच्चे को परिजनों ने सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई. बच्चे की मौत होते ही परिजनों में कोहराम मच गया. अस्पताल परिसर में बच्चे की मां चीत्कार में डूब गई.

परिजनों का कहना था कि बच्चे को तेज बुखार थी और मुंह से झाग निकल रहा था। वहीं डॉ. एके चौधरी ने कहा कि लक्षण चमकी जैसा ही है, लेकिन चमकी से मौत हुई या अन्य बीमारी से, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। गोपालगंज में चमकी के लक्षण से मरनेवालों की संख्या तीन हो गई है. दो की मौत चमकी से होने की पुष्टि सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र महतो ने की है।

इसके पहले दो बच्चों की हो चुकी है मौत

बता दें कि पिछले तीन दिनों में चमकी के लक्षण वाले तीसरे बच्चे की बुधवार की सुबह मौत हुई है। कई बच्चों को निजी अस्पतालों से मुजफ्फरपुर व गोरखपुर रेफर किया गया है. बैकुंठपुर प्रखंड के दिघवा-दुबौली व महुआ गांव में दो बच्चों की मौत दो दिन पहले हो चुकी है।

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