बारिश के मौसम में अगर किसी से पूछा जाए कि बारिश में सबसे ज्यादा किस चीज की जरूरत होती है,तो वो एक पक्का मकान ही बताएगा। क्योंकि कच्चे मकान का क्या पता कब गिर जाए तथा कब कहां से पानी टपकने लग जाए। गरीब लोगों को सबसे ज्यादा

जरूरत पक्के मकान की है। वैसे मनुष्य की तीन प्राथमिक जरूरतों में से एक मकान भी आता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के लागू होने के बाद भी अगर ये स्थिति है कि लोगों के बच्चे कच्चे मकान में रह रहे हैं, तो ये बड़ी शर्मनाक बात है। इससे तो यह प्रतीत होता है कि उत्तर प्रदेश

सरकार के सारे दावे कागजों तक ही सीमित हैं। ऐसा ही एक मामला ब्लॉक मुंडापांडे क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत नरखेड़ा में रात्रि के समय एक गरीब विधवा महिला का कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया। मकान के अंदर सो रहे तीन बच्चे दव गए। रात्रि के समय में

पड़ोसियों ने जब चीख पुकार सुनी तो वह मकान की ओर दौड़ पड़े और वहां जाकर मलबे में दबे तीन बच्चों को बाहर निकाला। घायल तीनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। विधवा महिला ने बताया कि उसके छोटे-छोटे तीन मासूम बैठे हैं। इसी कारण के चलते वह कोई काम

धंधा नहीं कर सकती। विधवा महिला ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले आवाज के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है।

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