चेन्नई, छह सितंबर तमिलनाडु सरकार ने प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को सुधारवादी नेता ई वी रामासामी पेरियार की जयंती को ‘सामाजिक न्याय दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने सोमवार को विधानसभा में इस बात की घोषणा की।

स्टालिन ने कहा कि पेरियार की विचारधारा सामाजिक न्याय, स्वाभिमान, तर्कवाद और समानता के विचारों पर आधारित थी। उनकी विचारधारा ने पिछली शताब्दी के दौरान तमिल समाज के विकास की आधारशिला रखी और यह भविष्य का मार्ग भी प्रशस्त करेगी।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि इसीलिए सरकार ने पेरियार के समतावादी सिद्धांतों के प्रतीकात्मक सुदृढ़ीकरण के तौर पर हर साल उनकी जयंती को ‘सामाजिक न्याय दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को राज्य सचिवालय सहित सभी सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी भाईचारा, समानता, स्वाभिमान और तर्कवाद जैसे ऊंचे आदर्शों पर आधारित मूल्यों का पालन करने का संकल्प लेंगे।

मुख्यमंत्री ने तमिल समाज के लिए पेरियार की सेवाओं को याद किया और कहा कि पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण की रक्षा का प्रावधान करने वाले, पहले संवैधानिक संशोधन अधिनियम को लागू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।

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