उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में सफर के दौरान यात्री अपने टिकट का भुगतान कार्ड से भी कर सकेंगे।

कैशलेस यात्रा के लिए परिवहन निगम प्रबंधन अत्याधुनिक एंड्रायड ई-टिकटिंग मशीनों को लेने जा रहा है, जिनमें सभी तरह के कार्ड से भुगतान की व्यवस्था होगी चाहे वह बैंकों के स्मार्ट कार्ड हों या फिर क्रेडिट-डेबिट कार्ड अथवा स्मार्ट एमएसटी।

इसके अलावा मेट्रो कार्ड को भी इन मशीनों से संबंद्ध किया जाएगा। इसकी तैयारियां अंतिम दौर में हैं तीन कंपनियों की निविदाओं का मूल्यांकन चल रहा है। अगले हफ्ते तक इनमें से एक कंपनी को तय कर लिया जाएगा। इसके बाद ईटीएम (ई-टिकटिंग मशीन) की चरणवार आपूर्ति शुरू हो जाएगी।

पहले चरण में लखनऊ और गाजियाबाद क्षेत्र में ईटीएम भेजी जाएंगी। 90 दिन में इन दोनों क्षेत्रों के बेड़े के हिसाब से मशीनें पूरी होनी हैं। छह माह में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में इनकी आपूर्ति की जाएगी।

करीब 13,500 मशीनें आनी हैं। परिचालकों के हाथों में आने वाली ये मशीनें सभी तरह के कार्ड पढ़ सकेंगी। परिवहन निगम बोर्ड ने इस पर पहले ही मुहर लगा दी है।

अत्याधुनिक एंड्रायड ई-टिकटिंग मशीनों की खासियत ये है कि इनकी सीधी निगरानी मुख्यालय से होगी। यात्री जैसे ही टिकट लेगा पूरी जानकारी सीधे मुख्यालय के सर्वर पर चंद पलों में आ जाएगी।

प्रधान प्रबंधक अनंग मिश्र ने बताया कि एंड्रायड ईटीएम आपूर्ति करने वाली एक कंपनी अगले हफ्ते तक तय कर ली जाएगी। इसके बाद मशीनें आने लगेंगी। रोडवेज का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है।

कैशलेस भुगतान की तरफ यह बड़ा कदम साबित होगा। मशीनें आनलाइन होंगी और इनसे चोरी की शिकायतों पर भी विराम लगेगा।

आनलाइन होंगी ईटीएम, निगरानी आसान
अत्याधुनिक एंड्रायड ई-टिकटिंग मशीनों की खासियत ये है कि इनकी सीधी निगरानी मुख्यालय से होगी। यात्री जैसे ही टिकट लेगा पूरी जानकारी सीधे मुख्यालय के सर्वर पर चंद पलों में आ जाएगी।

प्रधान प्रबंधक अनंग मिश्र ने बताया कि एंड्रायड ईटीएम आपूर्ति करने वाली एक कंपनी अगले हफ्ते तक तय कर ली जाएगी। इसके बाद मशीनें आने लगेंगी।

रोडवेज का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। कैशलेस भुगतान की तरफ यह बड़ा कदम साबित होगा। मशीनें आनलाइन होंगी और इनसे चोरी की शिकायतों पर भी विराम लगेगा।

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