कोलकाता, 06 सितंबर । पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद कोलकाता के बेलियाघाटा में पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिए गए भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार का शव पिछले चार महीने से अस्पताल के मुर्दाघर में पड़ा हुआ है। इस संबंध में शव को सौंपने और डीएनए रिपोर्ट की मांग पर परिवार ने सियालदह कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।


शव अभी भी कमांड अस्पताल के मुर्दाघर में पड़ा हुआ है। अब परिवार के सदस्यों ने कोलकाता के सियालदह कोर्ट में फरियाद की है कि मृत अभिजीत का डीएनए रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाए, ताकि पहचान कर सके कि यह शव अभिजीत सरकार का है या नहीं। यदि है, तो उनका अंतिम संस्कार कर सकें।


परिवार के मन में यह सवाल है कि क्या वह शव अभिजीत सरकार का है? परिवार ने यह आरोप लगाया कि पुलिस ने सबूत मिटाने के लिए अभिजीत के शव को बदल दिया है। शव की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट पहले ही किए जा चुके हैं। वह रिपोर्ट सीबीआई के पास है। सीबीआई ने अदालत में सीलबंद रिपोर्ट जमा दी थी। इसलिए परिवार को अभी भी नहीं पता है कि शव अभिजीत का है या नहीं। अब उसके परिवार ने कानूनी तरीके से डीएनए रिपोर्ट के लिए आवेदन किया है।

मृत भाजपा कार्यकर्ता अभिजीत सरकार के भाई विश्वजीत सरकार ने सोमवार को बताया कि डीएनए रिपोर्ट के लिए कोर्ट में अर्जी दायर की है कि उन्हें डीएनए रिपोर्ट उन्हें सौंपी जाए, जो रिपोर्ट केंद्रीय जांच एजेंसी के पास है। अगर उस रिपोर्ट से पता चलता है कि शव अभिजीत का है, तो फिर परिवार की ओर से शव को अंतिम संस्कार की व्यवस्था की जाएगी और अगर वह शरीर किसी और का है तो अभिजीत का शव कहां गया? तो पता करने के लिए कहा जाएगा। अभिजीत का शव पिछले कुछ महीनों से कमांड अस्पताल के मुर्दाघर में है। उस सड़ते हुए शरीर को पहचानने का कोई उपाय नहीं है। विधानसभा चुनावों के बाद से राजनीतिक हिंसा के आरोप लगे हैं। परिवार का आरोप है कि राजनीतिक हिंसा के कारण उसकी हत्या की गई। जांच के लिए अभिजीत के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है। भाजपा कार्यकर्ता का शव पिछले चार महीने से मुर्दाघर में पड़ा है। सीबीआई जेल में बंद आरोपित से पहले ही पूछताछ कर चुकी है। पिछले गुरुवार को जांच अधिकारी प्रेसीडेंसी जेल गए थे। उन्होंने घटना के पांचों आरोपियों से पूछताछ की थी।


अभिजीत के भाई विश्वजीत पिछले कुछ दिनों में एक से अधिक बार सीबीआई अधिकारियों से मिल चुके हैं। सूत्रों ने कहा कि अधिकारियों ने उनसे घटना की जानकारकी ली है। सीबीआई ने घटना के दिन कौन मौजूद था और पूरी घटना कैसे हुई, इस बारे में सारी जानकारी जुटा ली है। इसके अलावा, अधिकारियों ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज से पांचों आरोपियों की पहचान की है। सीबीआई ने गत मंगलवार को हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अभिजीत सरकार की मौत की मेडिकल रिपोर्ट से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। सीबीआई अधिकारियों ने रजिस्ट्रार जनरल से गुहार लगाई है। अभिजीत सरकार के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी हाईकोर्ट में है। केंद्रीय जांच एजेंसी उस रिपोर्ट को देखना चाहती है।

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