रायबरेली में वायरल फीवर पांव पसार रहा है। रविवार रात जिला अस्पताल में भर्ती एक बच्ची की मौत हो गई। जबकि चाइल्ड वार्ड में 18 बच्चे एडमिट हैं। किसी को बुखार है तो किसी को जुकाम।

ओपीडी में लंबी लाइनें लग रही है। लेकिन हैरत की बात है कि चाइल्ड वाइल्ड सिर्फ एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है। जिससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र शर्मा ने बताया कि शनिवार रात तक 19 बच्चे चाइल्ड वार्ड में एडमिट हैं। सभी को वायरल फीवर है। रात को इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई। बताया कि यहां पर पहले चार डॉक्टर हुआ करते थे। फिर दो डॉक्टर यहां मरीज देखते थे। अब 9 महीनों से वह अकेले ही देख रहे हैं।

बताया कि इस समय बुखार के, सर्दी-बुखार के, सीजनल के, झटके के मरीज, जिला महिला अस्पताल में जन्म होने वाले बच्चे यही आकर भर्ती होते हैं। इसलिए यहां लोड बढ़ जाता है।

वहीं दूसरी ओर बच्चों के प्राइवेट हॉस्पिटलों में बीमार मासूमों का तांता देखने को मिल रहा है। कहीं न कहीं रायबरेली में वायरल फीवर ने मासूमों को अपनी जद में लेना शुरू कर दिया है।

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