भारत का विशिष्ट साझेदार है आयरलैंड, भारतीय शैक्षणिक संस्थानों को मिलेगा लाभ- अखिलेश मिश्रा

वाराणसी। आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा ने शनिवार को बीएचयू पहुंचकर प्रभारी वीसी समेत अन्य अधिकारियों के साथ संवाद कर शिक्षा के क्षेत्र में विकास से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की। इस दौरान अखिलेश मिश्रा ने कहा कि आयरलैंड एक ज्ञान आधारित महाशक्ति के रूप में स्थापित है और भारत का एक विशिष्ट साझेदार है। नवाचार के क्षेत्र में आयरलैंड आगे हैं और दोनों देशों के बीच सम्पर्क, साझेदारी व संवाद बढ़ने से भारतीय शैक्षणिक संस्थानों को काफी लाभ हो सकता है। ऐसा होने पर बीएचयू भी बहुत कुछ साझा कर सकता है।

विश्वविद्यालय केंद्रीय कार्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अखिलेश मिश्र ने कहा कि बीएचयू में न केवल विश्व स्तरीय शोध एवं अनुसंधान होते हैं बल्कि प्राचीन एवं आधुनिक ज्ञान का अनूठा समागम भी देखने को मिलता है। भारत और आयरलैंड के संबंध गहरा होने के साथ ही ऐतिहासिक महत्व भी रखते हैं।

उन्होंने विश्वविद्यालय के उन क्षेत्रों को चिन्हित करने पर ज़ोर दिया जिन के माध्यम से विश्वविद्यालय को वैश्विक फलक पर ले जाने में मदद मिले। राजदूत ने एक पुरातन छात्र के रूप में बीएचयू से जुड़ी अपनी यादों को भी साझा किया। इस दौरान कुलपति ने अखिलेश मिश्रा और उनकी पत्नी का स्वागत करते हुए उपलब्धियों की चर्चा की।

अखिलेश मिश्रा ने कहा कि बीएचयू ही एक मात्र विश्वविद्यालय है, जिसका चयन इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेशन के तहत चयन हुआ है। विश्व के शीर्ष 500 संस्थानों में बीएचयू को शामिल कराने का लक्ष्य रखा गया है। विश्वविद्यालय में स्थापित अनेक नई सुविधाओं जैसे सीडीसी, अटल इन्क्यूबेशन सेन्टर एवं बीएचयू बायोनेस्ट आदि की चर्चा की।

उन्होंने बताया कि अब शिक्षा के साथ साथ उद्योग जगत के साथ साझेदारी विकसित करना एवं स्टार्ट अप के अनुकूल वातावरण मुहैया कराना भी है। कार्यक्रम में कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय के पुरा छात्र विश्व भर में बीएचयू की ख्याति एवं प्रतिष्ठा को बढ़ा रहे हैं और भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी अखिलेश मिश्रा जी की उपलब्धियों पर विश्वविद्यालय को अत्यंत गर्व है।
उन्होनें काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की यात्रा, उपलब्धियों एवं नई पहलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय विश्व का एकमात्र ऐसा विश्वविद्यालय हैं जहां इतनी बड़ी संख्या में व विविध पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होती है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की इन्सटिट्यूशन ऑफ एमिनेंस योजना के तहत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय का चयन किया गया है और इसके तहत विश्वविद्यालय में आधुनिक एवं उच्च कोटि की सुविधाएं व ढांचा तैयार किया जा रहा है, ताकि गुणवत्ता परक शोध, अनुसंधान एवं नवोन्मेष को और तेज़ी दी जा सके।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत विश्वविद्यालय को विश्व के शीर्ष 500 संस्थानों में लाने का लक्ष्य रखा गया है और इसके लिए विश्वविद्यालय में निरंतर प्रयास जारी हैं। कार्यक्रम का संचालन विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी ने किया। इस दौरान विभिन्न संकायों के प्रमुख आदि लोग मौजूद रहे।

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