रोहनिया क्षेत्र के शाहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान द्वारा निक्रा परियोजना के अन्तर्गत आराजीलाईन ब्लाक के भवानीपुर गांव में हौसिला प्रसाद सिंह को टमाटर के 1 हजार पौधों को भेंट किया गया।

ये ग्राफ्टेड टमाटर के पौधे बैंगन की जड़ पर ग्राफ्टिंग तकनीक से तैयार किये गये है, जो कि जल भराव में सूखा दोनों को सहन करने की क्षमता है।

संस्थान में किये गये शोध से यह जानकारी हासिल हुई है कि, ये पौधे खेत में 3-4 दिन तक जल भराव होने पर भी नहीं सूखते है। इन पौधों को कम पानी की दशा में भी असानी से उगाया जा सकता है। इस तकनीक से तैयार टमाटर में प्रति हेक्टेयर 450-500 कुन्तल फलत प्राप्त होती है।

इस अवसर पर निक्रा परियोजना के अन्वेषक डा. पी. एम. सिंह, डा. नागेन्द्र राय एवं डा. अनन्त बहादुर मौजूद थे, जिन्होंने इसकी उत्पादन तकनीक पर जानकारी दी।

संस्थान के निदेशक डॉ टी.के. बेहेरा ग्राफ्टिंग तकनीक द्वारा उत्पादित सब्जियों को किसानों तक पहुँचाने के लिए लगातार वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करते रहते है।

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