टिकरी गांव की बीए सेकेंड ईयर की छात्रा की हत्या का मामला पुलिस ने सुलझा लिया है। छात्रा के प्रेमी गोपी ने ही छात्रा का गला दबाकर माधोपुर में झाड़ियों में फेंक दिया था। हत्या से पहले गोपी ने छात्रा के साथ दुष्कर्म भी किया था। पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर छात्रा का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।

क्षेत्राधिकारी सदर चारू द्विवेदी ने बताया कि वारदात की तफ्तीश के लिए रोहिनया थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच को लगाया गया था। तफ्तीश में यही सामने आया कि छात्रा की हत्या गोपी ने ही की है।

गोपी पर एसपी ग्रामीण ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। आरोपी गोपी इससे पहले भी वर्ष 2016 में एक मासूम के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म के आरोप में शिवपुर थाने की पुलिस द्वारा जेल भेजा गया था। फिलहाल वह जमानत पर जेल से बाहर था।

क्षेत्राधिकारी सदर ने बताया कि लठिया तिराहा से इंस्पेक्टर रोहनिया हरिनाथ भारती ने एसएसआई जमीलुद्दीन खान और दरोगा उमेश कुमार, गौरव मिश्रा, विनोद विश्वकर्मा व मनोज तिवारी के साथ गोपी को गिरफ्तार किया है।

गोपी की निशानदेही पर छात्रा का मोबाइल भी बरामद हुआ है। पुलिस आरोपी के खिलाफ अदालत में जल्द आरोप पत्र दाखिल कर उसके जघन्य अपराध के लिए उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाएगी।

क्षेत्राधिकारी सदर चारू द्विवेदी ने बताया कि शिवपुर क्षेत्र की अष्टभुजी कॉलोनी का रहने वाला गोपी की बुआ का घर छात्रा के घर के समीप ही है। गोपी प्लंबर का काम करता था। बुआ के घर आने-जाने के दौरान ही छात्रा से गोपी का परिचय हुआ। 3 साल से दोनों एक-दूसरे के नियमित संपर्क में थे।

छात्रा के परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने उसे समझाया और कि वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे और गोपी से बात न किया करे। इसके बावजूद गोपी उससे चोरी-चुपके मिलता रहता था।

कोरोना काल में छात्रा के घर पर ही रहने के कारण परिजनों की सख्ती थोड़ी ज्यादा ही बढ़ गई तो वह गोपी से बात करना बंद कर दी थी। इससे छात्रा पर गोपी का शक गहराया कि अब वह उसे छोड़ दी है।

अभियुक्त ने पूछताछ में अपना जुर्म कुबुल करते हुए बताया कि 2 सितंबर की दोपहर छात्रा जब अखरी स्थित अपने कॉलेज से बाहर निकली तो गोपी साइकिल लेकर खड़ा हुआ मिला।

छात्रा को लेकर वह शूलटंकेश्वर होते हुए माधोपुर गया। मृतका ने मुझे बताया कि मेरे घर वालों को शक हो गया है उस पर कभी बात मत करना। मेरे लिए दूसरा सिम कार्ड बात करने के लिए ला दो और मेरे पुराने नम्बर बात मत करना। अभी कुछ महीने तुमसे मिल नहीं पाऊंगी।

अभियुक्त ने बताया कि मेरे मन में जो शंका था कि मृतका किसी दूसरे को चाहने लगी है वह यकीन में बदल गया। इससे गुस्से में आकर अभियुक्त ने झाड़ियों में उसके साथ दुष्कर्म करने के दौरान ही उसका गला दबा दिया। छात्रा की चीख किसी को सुनाई न दे, इसके लिए गोपी ने उसके मुंह में कपड़ा ठूस दिया था। इसके बाद छात्रा का शव अर्धनग्न अवस्था में छोड़ कर उसका मोबाइल लेकर भाग गया था।


बता दें, लंका थाना अंतर्गत टिकरी गांव स्थित अपने घर से छात्रा 2 सितंबर की सुबह 9 बजे अखरी स्थित बीएनएस कॉलेज पढ़ने के लिए गई थी। इसके बाद वह वापस घर नहीं आई। इसे लेकर उसके पिता 2 और 3 सितंबर को रमना चौकी और लंका थाने गए, लेकिन उनकी बेटी के गायब होने का मुकदमा नहीं दर्ज किया गया।

छात्रा के गायब होने के संबंध में मुकदमा न दर्ज किए जाने पर अफसरों ने गहरी नाराजगी जताई। DCP काशी जोन अमित कुमार ने बताया कि लापरवाही बरतने के आरोप में रमना चौकी इंचार्ज अजय प्रताप सिंह, लंका थाने के एसएसआई राजेश गिरी और कांस्टेबल प्रिंस कुमार गौतम व दीपक कुमार को निलंबित कर दिया गया है। चारों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया

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