किसान महापंचायत का फैसला 27 सितंबर को होगा भारत बंद

पीएम के पास बात करना तो दूर आंदोलन में शहीद हुए किसानों के लिए 1 मिनट का मौन रखने का भी समय नहीं है, राकेश टिकैत

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों को राजधानी के बॉर्डर पर बैठे हुए 9 माह से भी अधिक का समय हो गया है। लेकिन पीएम के पास बात करना तो दूर आंदोलन में शहीद हुए किसानों के लिए 1 मिनट का मौन रखने का भी समय नहीं है। उन्होंने किसानों से कहा कि वह अपने ट्रैक्टर हर समय तैयार रखें। देशभर में अभी किसानों को इस तरह की महापंचायतें करनी होंगी।

मुजफ्फरनगर। किसान महापंचायत में लाखों किसानों की भीड़ को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि मैं मुजफ्फरनगर में सिर्फ संयुक्त मोर्चे की पंचायत में आया हूं, मुजफ्फरनगर की धरती पर कदम नहीं रखूंगा।

जब तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे, तब तक वापस नहीं आऊंगा, चाहे किसानों के लिए शहीद होना पडे। उन्होंने कहा कि देश में बाबा भीमराव अंबेडकर का संविधान खतरे में है, इसलिए सभी को एकजुट होना होगा।

चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि बिजली, पानी, बंदरगाह, रेल सब कुछ सरकार बेचना चाहती है व काफी कुछ बेच दिया है। उन्होंने कहा कि किसान अपने ट्रैक्टर तैयार रखें, कभी भी जरूरत पड़ सकती है। राकेश टिकैत ने कहा कि बीजेपी तोड़ने का काम करती है और हम जोड़ने का काम करते हैं। इसी धरती से अल्लाहु अकबर और हर-हर महादेव के नारे लगते रहे हैं और लगते रहेंगे। इस सरकार का कैमरा और कलम पर नियंत्रण है।

उन्होंने मांग रखी कि किसानों को 450 रुपये कुंतल गन्ने का भाव चाहिए और एमएसपी पर बात की जानी चाहिए।
किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के संबोधन के बाद समापन हो गया है और किसानों ने अपने घरों को वापस लौटना शुरू कर दिया है।

द नेटीजन न्यूज़ के लिए असलम
राजा की रिपोर्ट

नेटीजन न्यूज़ टीम की विशेष कवरेज

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