अगस्त महीने में मैनुफैक्चरिंग सेक्टर से लगभग 19 लाख लोगों ने नौकरियां गंवाई है।

कोलकाता से छपने वाले टेलीग्राफ़ अख़बार ने एक प्राइवेट रिसर्च फर्म के हवाले खबर लिखी है।

जबकि युवा हल्ला बोल’ संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुपम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन जुमलों और बेरोज़गारी को समर्पित होगा।

‘युवा हल्ला बोल’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता ऋषव रंजन ने बताया कि बेरोज़गार युवाओं में इस अपील को लेकर उत्साह है और पिछले वर्ष की तरह इस बार भी 17 सितंबर को यादगार बना देने का जुनून है। हमारी कोशिश है कि प्रधानमंत्री, सरकार से लेकर राजनीतिक पार्टियां और मीडिया तक का ध्यान बेरोज़गारी के गंभीर मुद्दे पर लाया जाए।

आंदोलन के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद मिश्रा ने बताया कि ‘युवा हल्ला बोल’ की कोशिश है कि राजनीतिक पार्टियां भी चुनावों के दौरान इन्हीं मुद्दों पर सवाल जवाब और संवाद करे, न कि समाज को बांटने वाले जाति धर्म के मुद्दों पर।

‘युवा हल्ला बोल’ के महा सचिव प्रशांत कमल ने बताया कि संगठन के हेल्पलाइन पर छात्र युवा लगातार संपर्क करके अपनी व्यथा और पीड़ा साझा कर रहे हैं। कई तरह की सरकारी भर्तियां हैं जिनमें या तो विज्ञापन नहीं निकलता, या परीक्षा नहीं होती, या धांधली गड़बड़ी हो जाती है, या परिणाम नहीं निकलता या फिर समय पर नियुक्ति नहीं मिलती।

उधर सीएमआईई के मुताबिक़, पिछले साल लॉकडाउन के बाद इसी दौरान बेरोज़गारी दर बढ़कर 8.35 फ़ीसदी थी। आँकड़ों की बुनियाद पर सीएमआईई का कहना है कि जुलाई में 39.97 करोड़ लोग रोज़गारशुदा थे जबकि अगस्त में इनकी संख्या कम होकर 39.78 करोड़ रह गई. इससे पता चलता है कि बीते महीने में 19 लाख लोगों की नौकरियां गई हैं।

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