घरेलू गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने और विपक्ष का सरकार पर हमले के बीच छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने पूछा है कि क्या इसको लेकर अब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और सांसद हेमा मालिनी सड़कों पर सिलेंडर लेकर आंदोलन शुरू करेंगी।

उन्होंने कहा कि जनता अब जानना चाहती है कि दोनों नेता कब आंदोलन शुरू करेंगी। पिछले कई दिनों से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर अपनी ही पार्टी में विरोध झेल रहे सीएम ने कहा है कि बीजेपी को महंगाई पर नियंत्रण करना नहीं आ रहा है, जो बना हुआ है, उसे बेचने का काम कर रही है।

सीएम ने कहा कि हम पर धर्मांतरण का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि राज्य में सर्वाधिक चर्च की स्थापना भाजपा की सरकार में हुई है। कहा कि भाजपा के चिंतन शिविर में 15 साल के कुशासन की चर्चा हो रही है।

डॉ. रमन सिंह को घेरा जा रहा है। उनके शासनकाल को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है। कहा कि अब वो सत्ता में नहीं हैं तो सत्ता पाने के लिए धर्मांतरण का मुद्दा उठा रहे हैं।

हम तो सभी धर्मों को समान मानते हैं। यह हो सकता है कि जहां जिस समुदाय की संख्या ज्यादा हो, वहां उनके धार्मिक स्थल बनाए जाते हैं। हमारी सरकार में किसी भी धर्म और उनके अनुयायियों को समान भाव से देखा जाता है।

अभी हाल ही में राज्य के कबीरधाम जिले से 100 लोगों की हिंसक भीड़ द्वारा एक पादरी को पीटे जाने का मामला सामने आया था। 100 लोगों की हिंसक भीड़ ने पादरी के साथ मारपीट की और उसके घर में जमकर तांडव मचाया था।

हिंसक भीड़ को देखकर पादरी का परिवार जैसे तैसे जान बचाकर भागा। भीड़ ने पादरी के घर के बाहर धर्मांतरण बंद करो का नारा भी लगाया था। राज्य में धर्मांतरण का आरोप पहले भी लगता रहा है।

इस बीच पार्टी के अंदर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव से मतभेद को लेकर उन्होंने कहा कि सब कुछ सामान्य है। ढाई-ढाई साल के सीएम के कार्यकाल पर दिल्ली में हाईकमान से बातचीत के बाद वापस लौटे सीएम भूपेश बघेल बुधवार को राजमेरगढ़ और अमरकंटक के लिए रवाना हो गए।

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