बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली काटे जाने के कारण मुश्किलें झेल रहे ग्रामीणों की समस्या का मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है। उनके निर्देश पर गोरखपुर समेत सूबे के सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रथम चरण में दो-दो लीटर मिट्टी का तेल निशुल्क वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं।

गोरखपुर जिले को गोंडा से आईओसीएल से 12000 मिट्टी का तेल वितरण के लिए जिला पूर्ति विभाग को मिल जाएगा। उम्मीद है कि शुक्रवार की शाम से वितरण भी शुरू करा दिया जाएगा।

गोरखपुर शहर और देहात के क्षेत्रों में तमाम इलाकों में जलभराव के कारण ट्रांसफार्मर तक पानी में समा गए हैं। ऐसे में ग्रामीणों की मांग पर बिजली की आपूर्ति ठप कर दी गई है। अकेले गोरखपुर के शहरी क्षेत्र में 1500 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित है। इ

सके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में 15 ग्राम पंचायतों में बिजली आपूर्ति बाधित कर दी गई है। मण्डलायुक्त रवि कुमार एनजी एवं डीएम विजय किरण आनंद के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय से बिजली विभाग के अधिकारियों से प्रभावित ग्राम का आंकड़ा एकत्र किया जा रहा है।

ताकि जलभराव के बीच तमाम खतरे उठा कर अंधेरे में रहने को अभिशप्त लोगों को मिट्टी तेल का वितरित कर उन्हें अंधेरे के कैद से निकाला जाए।

असल में प्रभावित क्षेत्रों में शाम होते ही बच्चे व महिलाएं घरों में कैद हो जा रही हैं। पूर्ति निरीक्षक अरुण सिंह के मुताबिक शुक्रवार की शाम तक मिट्टी का तेल उपलब्ध हो जाएगा। कोशिश है शुक्रवार की शाम से वितरण शुरू करा दिया जाए।

सुरक्षा की दृष्टि से इन क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित
25केवीए का बढुलिया गांव में लगा ट्रांसफार्मर बंद कर आधा गांव की आपूर्ति बाधित कर दी गई है। इसके अलावा 25 केवीए का मूसाबार ग्राम का ट्रांसफार्मर भी बंद कर दिया गया है। सहजनवा में गाडर, बेलवाडाडी, रखौना की आपूर्ति बाधित की गई है।

नौसढ़ उपकेंद्र के सेरगढ़ ग्राम में दो फीडर की आपूर्ति बाधित की गई है। सेवई बाजार उपकेंद्र से संचालित होने वाले 11केवी मेहरौली फीडर, छितही फीडर और महाबीरछपरा से जुड़े बलुईगाढ़ा महाडीह की आपूर्ति बाधित की गई है।

कौड़ीराम उपकेंद्र के लालपुर, जयंतीपुर और गजपुर उपकेंद्र के बसावनपुर एवं भरवलिया में आपूर्ति बाधित है। अधीक्षण अभियंता विविमं द्वितीय के कार्यालय का कहना है कि यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से उठाया गया है।

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