लखनऊ 02 अगस्त 2021। उ0प्र0 की 403 में 169 विधान सभा क्षेत्रों में निषाद वोट बैंक काफी निर्णायक है। भाजपा ने अपने वायदे के अनुसार निषाद समुदाय की मल्लाह, केवट, बिन्द, मांझी, धीवर, कहार, गोड़िया, रायकवार आदि जातियों को अनुसूचित जाति के आरक्षण का राजपत्र व शासनादेश जारी नहीं किया तो मिशन 2022 में भाजपा से गठबंधन नहीं किया जायेगा। उक्त प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विकासशील इंसान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चौ. लौटन राम निषाद ने कहा कि मिशन 2022 में निषाद जातियां निर्णायक की भूमिका निभायेंगी। उन्होंने कहा कि अब निषाद समाज भाजपा के वायदे के झाँसे में नहीं जायेगा। चुनाव से पूर्व अनुसूचित जाति आरक्षण का शासनादेश व राजपत्र जारी करने के बाद ही भाजपा का खेवनहार बनने का निर्णय लेगा। भाजपा सरकार चाहे तो दो चार दिन में मझवार, तुरैहा, गोड़, बेलदार आदि को परिभाषित कर या पूर्व वर्ती सरकारों द्वारा भेजे गये प्रस्ताव को स्वीकार कर निषाद जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दे सकती है।

निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी का पंजीकरण और अपना चुनाव चिन्ह ही नहीं है। इसीलिए तो पार्टी प्रमुख का पुत्र 2018 के उप चुनाव में सपा के व 2019 के लोक सभा चुनाव में भाजपा के सिम्बल पर चुनाव लड़ा। संजय निषाद मंत्री व एम.एल.सी. बनने के लिए हाथ पैर मार रहे हैं। स्वपरिवार के लिए ही संजय भाजपा नेताओं की गणेश परिक्रमा कर रहें हैं। उन्हें समाज को आरक्षण व अधिकार दिलाने की चिन्ता नहीं है।

अगर निषाद पार्टी निषाद समाज के आरक्षण व अधिकार मुद्दे पर गम्भीर है तो स्पष्ट घोषणा करें कि निषाद आरक्षण का राजपत्र व शासनादेश जारी नहीं किया गया तो भाजपा से कोई रिश्ता नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि विकासशील इंसान पार्टी का साफ तौर पर कहना है कि आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं। पहले निषाद जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण चाहिए। इसके बाद भाजपा के समर्थन व उससे गठबंधन पर विचार किया जायेगा।
निषाद ने बताया कि उ0प्र0 में 12.91 प्रतिशत निषाद जातियां होने के बाद भी राजनैतिक दल इनके साथ दोयम दर्जें का बर्ताव करते आ रहें हैं। वर्तमान केन्द्र व प्रदेश सरकार में निषाद समाज को राज्यमंत्री तक ही सीमित रखा गया है।

उन्होंने कहा कि भाजपा एक दो नहीं दर्जनों मंत्री या एम.एल.सी. बना दे, बिना आरक्षण के निषाद समाज भाजपा के झांसे में नहीं जायेगा। गोरखपुर,गाजीपुर, जौनपुर,फतेहपुर,कानपुर,सिद्धार्थनगर, अयोध्या,अम्बेडकर नगर, चन्दौली, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बलिया, वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही, प्रयागराज, बांदा, आगरा, औरैया, फिरोजाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बाराबंकी, बहराइच, पीलीभीत,रामपुर शाहजहांपुर, लखीमपुर, बदायूॅ, बरेली, उन्नाव, इटावा, मैनपुरी, फर्रूखाबाद, बस्ती की दो या दो से अधिक विधान सभा क्षेत्रों में निषाद समाज का वोट बैंक 40 हजार से अधिक है। 71 विधान सभा क्षेत्रों में तो 70 हजार से अधिक निषाद मतदाता है।चित्रकूट, मऊ,हमीरपुर, जालौन, कन्नौज, मेरठ, मुरादाबाद, रायबरेली, कौशाम्बी,श्रावस्ती,गोण्डा,एटा,बुलन्दशहर,हापुड़,बिजनोर,हरदोई,सीतापुर की 1-1 विधानसभा क्षेत्रों में निषाद, बिन्द, कश्यप वोटबैंक निर्णायक है।

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