सुहागनगरी में डेंगू और बुखार के डंक से मौतों का सिलसिला इतनी कवायद के बाद भी नहीं थमा। गुरुवार को नौ और मौतें हो गईं। अब कुल मृतकों की संख्या 67 पहुंच चुकी है।

वहीं डीएम ने लापरवाही बरतने वाले तीन डॉक्टरों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को हुई मौतों में डेढ़ माह का नवजात और एक महिला भी शामिल है। डेंगू और बुखार पीड़ित कई मरीज आगरा और हायर सेंटर रेफर किए गए थे।

उधर जिलाधिकारी ने काम में लापरवाही व शिथिलता बरते जाने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सैलई डॉ. गिरीश श्रीवास्तव, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. सौरभ प्रकाश व पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. रुचि यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के दिए निर्देश।

मथुरा में 11वीं मौत पर की भूख हड़ताल
कोह गांव में शासन प्रशासन के प्रयासों के बावजूद बुखार से एक और बच्चे की मौत हो गई। ये अब तक की 11वीं मौत थी। इससे आक्रोशित ग्रामीण गांव की सड़क पर ही अनशन पर बैठ गए। सूचना के बाद पहुंचे विधायक कारिंदा सिंह ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर अनशन तुड़वाया।

CMO को लौटा दिया गांव से
कोह में गुरुवार हुई एक और बच्चे की मौत के बाद जैसे ही सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता गांव पहुंची। तो गुस्साए ग्रामीणों ने उन्हें लौटा दिया।

ग्रामीण खेमचंद, लाखन सिंह प्रधान, हरेन्द्र सिंह प्रधान आदि ने बताया सीएमओ द्वारा गांव में उपचार एवं जांच के नाम पर बच्चों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। न तो समय से टेस्ट रिपोर्ट मिल रही है और न ही ठीक उपचार।

मैनपुरी में अस्पताल फुल, बुखार से दो की मौत
जिला अस्पताल के सारे बेड गुरुवार को फुल हो गए। मरीजों को गैलेरी में बेड लगाकर इलाज किया जा रहा है। गुरुवार को भी जिला अस्पताल में 758 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इसमें से ढाई सौ मरीज बुखार के निकले। जिला अस्पताल के इंडोर वार्ड में 50 और इमरजेंसी में 25 बेड हैं। सभी 75 बेड फुल हो गए।

लखनऊ की टीम को मिले बड़ी संख्या में डेंगू-मलेरिया के लार्वा
लखनऊ से आयी पांच सदस्यीय टीम को फिरोजाबाद के मोहल्लों में जांच के दौरान बड़ी संख्या में डेंगू और मलेरिया के लार्वा मिले। इसके बाद टीम और सभी एसडीएम, बीडीओ, खंड शिक्षाधिकारी, एमओआईसी, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका व नगर पंचायत, सीडीपीओ सहित संबंधित जिला स्तरीय

अधिकारियों के साथ बैठक की। नगरीय क्षेत्र के साथ-साथ जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में भी डेंगू, मलेरिया व वायरल बुखार की रोकथाम व प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए गंभीरता से मंथन किया। कार्य योजना बनाकर तत्काल लागू करने के निर्देश दिए

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