मथुरा प्रधिकरण में पूर्ण शराबबंदी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मथुरा जनपद के बरसाना, गोकुल, गोवर्धन और नंदगांव में पूर्ण रूप से शराबबंदी के प्रस्ताव को लागू कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सरकार के इस प्रस्ताव से करीब 11 करोड़ 10 लाख 188 रुपए की हानि होगी।

वंही इस घटना के बाद सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील अर्कवंशी ने कहा समझ नहीं आ रहा है सरकार केवल धार्मिक स्थलों पर ही शराब क्यों बंद कर रही है।

सरकार क्यों पूरे उत्तर प्रदेश में शराब बंद नहीं कर देती है। प्रदेश अध्यक्ष सुनील अर्कवंशी ने कहाकि मन्दिर तो घर घर मे हैं। गुजरात बिहार पांडुचेरी में जब शराब बिक्री पर लग सकती रोक तो उत्तरा प्रदेश क्यों नहीं ?

मथुरा जिले के 32 ठेके होंगे बंद, 11 करोड़ दस लाख का होगा नुकसान

मथुरा के बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, नंदगांव, राधाकुंड तथा बलदेव इलाके में पड़ने वाले सभी शराब के ठेकों को बंद करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद से जिले के 32 ठेके बंद जाएंगे। जानकारी के अनुसरा, हर साल सरकार को करीब 11 करोड़ 10 लाख 60 हजार रुपए के नुकसान का अनुमान है।

सरकार के प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया वृन्दावन नगरपालिका क्षेत्र में पूर्व में ही शराब बंदी क्षेत्र घोषित किया गया था।

बरसाना को अक्टूबर-2017 में तीर्थ स्थल घोषित किया था लेकिन बरसाना स्थित इलाकों में पड़ने वाली देशी शराब, बियरशॉप की दुकानों को नहीं हटाया गया था। जिसके बाद नगर निगम घोषित होने पर यह फैसला लिया गया है।

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