छेड़खानी, घरेलू हिंसा समेत अन्य घटनाओं की पीडि़ताओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए अब थाने तक नहीं जाना पड़ेगा। पीडि़त महिलाएं और युवतियां थानाक्षेत्र में बनाए जाने वाले पिंक बूथ पर जाकर शिकायत दर्ज करा सकेंगी।

यहां महिला स्टाफ की ही तैनाती की जाएगी। बूथ पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण पर भी उच्चाधिकारी नजर रखेंगे। महिला संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने और त्वरित कार्रवाई के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है, जिसमें पिंक चौकी, थानों में महिला हेल्प डेस्क, हेल्प लाइन नंबर शामिल हैं।

शासन के निर्देश पर अब पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने सेफ सिटी परियोजना के तहत सभी थाना क्षेत्रों में पिंक बूथ बनाने के निर्देश दिए हैं।

यह पिंक बूथ उन स्थानों पर बनाए जाने हैं, जहां महिलाओं व युवतियों का आवागमन अधिक हो। इसमें प्रमुखता से बाजार और चौराहों को शामिल किया जाएगा। सभी थाना प्रभारियों को स्थान चिह्नित कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

हिचक होगी खत्म : महिला संबंधी अपराधों की शिकायत दर्ज कराने के लिए पीडि़ताओं को थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने में असहज महसूस होता है। इसे ध्यान में रखकर पिंक बूथ स्थापित किए जाने का निर्णय हुआ है। यहां महिला स्टाफ होने से पीडि़ताएं खुलकर अपनी बात साझा कर सकेंगी।

महिला हेल्प डेस्क के माध्यम से होगा निस्तारण : पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पिंक बूथों में आने वाली शिकायतों का निस्तारण थाने में बनाई गई महिला हेल्प डेस्क के माध्यम से कराया जाएगा। इसका अलग लेखाजोखा तैयार होगा। एसीपी स्तर के अधिकारी उस पर नजर रखेंगे।

इनका ये है कहना
सेफ सिटी परियोजना के तहत प्रत्येक थाना क्षेत्र में पिंक बूथ बनाए जाएंगे, जहां महिला कर्मचारी नियुक्त होंगी। अपर पुलिस उपायुक्त द्वारा इनका पर्यवेक्षण किया जाएगा। – रवीना त्यागी, डीसीपी साउथ

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