आगरा के 64 हजार से अधिक ऐसे वाहन जो 31 मार्च 2006 से पहले खरीदे गए हैं, इन वाहनों का पंजीयन सितंबर में निलंबित कर दिया जाएगा।

यह सभी वाहन छह माह में कंडम हो जाएंगे। इसके लिए संभागीय परिवहन विभाग द्वारा सितंबर के प्रथम सप्ताह में निलंबन की कार्रवाई कर दी जाएगी।

पंजीयन निलंबन के दायरे में 64486 वाहन आ रहे हैं। इसमें यूपी80एई से एआर सीरीज तक के वाहनों पर की कार्रवाई की जाएगी। वहीं टीटीजेड में 15 साल से पुराने वाहनों का संचालन प्रतिबंधित है।

संभागीय परिवहन विभाग ने 31 मार्च 2006 से पहले पंजीकृत वाहनों की सूची तैयार की है। इन वाहनों के पंजीयन को लेकर संभागीय परिवहन विभाग (आरटीओ) द्वारा अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में नोटिस जारी किया जा चुका है।

वाहन स्वामियों को एक माह का समय दिया गया था। ताकि वह टीटीजेड क्षेत्र से बाहर दूसरे जिलों में वाहन का ट्रांसफर करा सकें।

एआरटीओ प्रशासन एके सिंह ने बताया कि सितंबर में इन वाहनों के पंजीयन निलंबित किए जाएंगे। यदि छह माह निलंबन बना रहता है तो पंजीयन निरस्त कर दिए जाएंगे। वहीं 64486 वाहनों में 6600 चार पाहिया वाहन व 57 हजार दोपहिया वाहन हैं।

एक लाख वाहनों का पंजीयन हो चुका है निलंबित
इससे पहले आरटीओ वर्ष 2004 तक पंजीकृत करीब एक लाख वाहनों का पंजीयन वर्ष 2019 में निरस्त कर चुका है। इसके बाद से ही वर्ष 2005 और 2006 के पंजीकृत वाहन जो कि 15 साल की अवधि पूरे कर चुके हैं, इनके पंजीयन भी निलंबित किए जाने थे।

इसकी कार्रवाई शुरू कर दी गई थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण कार्रवाई का टाल दिया गया था।

दूसरे जिले में ट्रांसफर कराने को लेनी होगी एनओसी
15 साल से अधिक की अवधि पूरी कर चुके वाहनों को दूसरे जिलों में ट्रांसफर कराने के लिए वाहन स्वामियों को एक माह में आरटीओ से एनओसी लेनी है। अगर वाहन स्वामी एनओसी नहीं लेते हैं तो इसके पंजीकरण निलंबित कर दिए जाएंगे।

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