पैरालिंपिक खेलों में रविवार का दिन भारत के लिहाज से बेहद शानदार रहा। हमारे खिलाड़ियों ने कुल तीन मेडल जीते, जिसमें दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज शामिल है। दिन की शुरुआत भाविना पटेल ने टेबल टेनिस से की।

शाम होते-होते पहले निषाद कुमार ने हाई जम्प और फिर विनोद कुमार ने डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक दिला दिया। अब भारत अपने सर्वश्रेष्ठ पैरालिंपिक अभियान से सिर्फ एक मेडल दूर है। 2016 रियो पैरालिंपिक में हमारे ऐथलीट्स ने चार पदक जीते थे।

अपना पहला ओलिंपिक खेल रहे विनोद कुमार ने 19.91 मीटर दूर डिस्कस फेंका। यह एशियाई रेकॉर्ड भी है। F52 कैटेगरी में खेल रहे विनोद 41 साल के हैं। F52 कैटेगरी में उन ऐथलीट्स को शामिल किया जाता है, जिनकी मांसपेशियों में कमजोरी होती है।

ऐसे खिलाड़ी व्हीलचेयर बैठकर प्रतिस्पर्धा करते हैं। गर्भाशय, रीढ़ की हड्डी की चोट जैसे खिलाड़ी भी इसी कैटेगरी में होते हैं। वह BSF यानी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स में तैनात थे, लेकिन अपनी भर्ती के सात माह बाद ही एक हादसे में उन्हें लकवा मार गया।

ऐथलेटिक्स में निषाद कुमार ने जीता सिल्वर

ऊंची कूद T47 event में भाग लेने वाले निषाद ने 2.06 मीटर के साथ रजत पदक अपने नाम किया। साल 2019 में खेलों में डेब्यू करने वाले निषाद की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है।

भारत के एक अन्य ऐथलीट राम पाल का खेल भी सराहनीय रहा। 1.94 मीटर की जंप के साथ वह पांचवें पोजिशन पर रहे, उनका भी यह करियर बेस्ट परफॉर्मेंस है।

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