उत्तराखंड में गुरुवार देर रात से बारिश का दौर जारी है। राजधानी देहरादून और हल्द्वानी में शनिवार को दिन की शुरुआत बारिश के साथ हुई।

वहीं, मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

मौसम विभाग की ओर से इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। वहीं, हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी के कुछ स्थानों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विज्ञानियों ने बारिश के साथ ही राज्य के कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई है। वहीं, राजधानी में अगले 24 घंटे में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।

भवाली-हल्द्वानी हाइवे पर सड़क धंसी
बारिश के कारण भवाली-हल्द्वानी हाइवे पर वीरभट्टी पुल के पास मलबा आने के बाद यातायात पूरी तरह सुचारू भी नहीं हो पाया था कि अब दोगांव के समीप सड़क का 20 मीटर हिस्सा दरक कर खाई में समा गया है। जिससे सड़क पर बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।

हरिद्वार में खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा 
हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। शनिवार सुबह से ही गंगा का जलस्तर 293.05 मीटर पर चल रहा है जबकि वार्निंग लेवल 293 मीटर है। बैराज की क्षमता 294 मीटर है। वहीं, निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। उधर, लालढांग में भू-कटाव से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है। धनोरी क्षेत्र में खेतों में पानी भर गया है। 

लगभग 200 से ज्यादा सड़कें बंद
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और भूधंसाव से पांच नेशनल हाईवे समेत कुल 200 से ज्यादा सड़कें बंद हैं।

टिहरी जिला प्रशासन ने ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 58 को तपोवन से मलेथा तक आवागमन के लिए बंद कर दिया है।

पहाड़ियों से लगातार पत्थर और बोल्डर गिरने से पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा खतरनाक बनी हुई है। ऐसे में लोगों को इन दिनों पहाड़ की यात्रा टालने की सलाह दी गई है।

शुक्रवार रात तक की लोनिवि की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में पांच नेशनल हाईवे, 15 स्टेट हाईवे, सात जिला मार्ग, 13 अन्य जिला मार्ग, 90 ग्रामीण सड़कें (सीविल) और 89 ग्रामीण सड़कें बाधित हैं। लोनिवि, बीआरओ और दूसरी एजेंसियों की ओर से सड़कों को खोलने की कार्रवाई लगातार जारी है।

पूर्णागिरी यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से रास्ता बंद
चंपावत में लगातार बारिश के बाद भूस्खलन के कारण पूर्णागिरी देवी मंदिर की ओर जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया। पूर्णागिरि धाम में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए मुख्य मंदिर पैदल मार्ग की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग ने टेंडर लगा दिए हैं।

मार्ग क्षतिग्रस्त होने से पूर्णागिरि यात्रा में जोखिम बना हुआ है। लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट का कहना है कि मार्ग के पुनर्निर्माण तक पहाड़ी काटकर वैकल्पिक मार्ग बनानी की कार्यवाई शुरू की जा रही है।

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