उत्तर प्रदेश के कन्नौज में महात्मा बुद्ध की मूर्ति को लेकर बवाल हो गया। बताया जा रहा है, मूर्ति को दो दिन पहले स्थापित किया गया था। दूसरी तरफ अब करणी सेना और क्षत्रिय समाज बुद्ध की मूर्ति हटाकर महारणा प्रताप की मूर्ति लगाने पर अड़ गए हैं।

पुलिस ने दोनों पक्षों से बात कर समझाने का प्रयास किया लेकिन तभी कुछ अराजक तत्वों ने पुलिस पार्टी पर पथराव कर दिया। पथराव होने के बाद, पुलिस ने भी उपद्रवियों पर पथराव किया और उन्हें खदेड़ दिया।

पत्थरबाजी में 6 से 7 पुलिसकर्मी घायल होने बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मौके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, दोनो में से एक को थोड़ी देर बाद छोड़ दिया गया। तनाव को देखते हुए घटनास्थल पर कई थानों की फोर्स तैनात की गई है।

दरअसल, कोतवाली क्षेत्र छिबरामऊ के सौरिख तिराहे पर 2 दिन पहले शाक्य समाज के लोगों ने बुद्ध की प्रतिमा को स्थापित किया था। जानकारी पर गुरुवार 25 अगस्त को क्षत्रिय समाज के लोग वहां पहुंच गए और उन्होंने इसका विरोध करना शुरू कर दिया।

माहौल को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई थी। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने बुद्ध की प्रतिमा को हटाने का प्रयास किया। जिस पर शाक्य समाज के लोग भड़क गए। उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया। वहीं, पुलिस ने भी उपद्रवियों पर पथराव कर खदेड़ा।

क्या चाहती है करणी सेना?
करणी सेना के जिलाध्यक्ष अंकुर सिंह कहते हैं कि वह शांतिप्रिय लोग हैं। उन लोगों ने नगर पालिका में महाराणा प्रताप की मूर्ति लगाने का प्रस्ताव दिया था। वह अभी लंबित है। इसके एक दिन बाद शाक्य समाज ने भी भगवान बुद्ध की मूर्ति लगवाने के लिए प्रस्ताव दिया था वह भी लंबित है।

इसके बावजूद शाक्य समाज ने अवैध तरीके से भगवान बुद्ध की मूर्ति लगा दी। इस तिराहे पर महापुरुषों की मूर्ति को लगाया जाए, क्योंकि भगवान बुद्ध हमारे विष्णु के नौवें अवतार है।

इसलिए इनकी मूर्ति चौराहे पर न लगवाकर किसी मंदिर में लगवाई जाए। जिसके लिए करणी सेना भगवान बुद्ध का मंदिर बनवाने में सहयोग करेगी।

क्या कहता है शाक्य समाज
शाक्य समाज के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में शाक्य समाज की संख्या ज्यादा है, इसलिए यहां पर बुद्ध भगवान की मूर्ति होनी चाहिए। बौद्ध भिक्षुओं ने मौके पर आकर भाजपा विधायक से मांग की है कि शाक्य समाज की आबादी को देखते हुए भगवान बुद्ध की मूर्ति को इसी जगह पर लगा रहने दिया जाए।

इस मामले को लेकर, एसपी प्रशांत वर्मा ने बताया कि मूर्ति लगाए जाने का विवाद है। दोनों पक्षों से एसएसपी और अपर जिलाधिकारी बात कर रहे थे। दोनो पक्षों को समझाने का प्रयास किया जा रहा था, सुरक्षा में पुलिस तैनात थी।

इसी दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने किसी पूर्व योजना के तहत पत्थरबाजी कर दी। उपद्रवियों को खदेड़ दिया गया, साथ ही स्थिति अब नियंत्रण में कर ली गई है। उपद्रवियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।

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