प्रयागराज में ईश्वर शरण डिग्री कालेज में चेंजिंग ट्रेंड्स एंड इनोवेशन इन टीचिंग रिसर्च इन ह्युमिनिटीज एंड सोशल साइंस विषयक आनलाइन 15 दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स का आयोजन फैकल्टी डेवलपमेंट सेंटर की तरफ से किया गया।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग के प्रोफेसर ऋषिकांत पांडेय ने बताया कि धर्म तथ्यरहित और आधारहीन होता है। प्रोफेसर ऋषिकांत ने मार्क्स, फ्रायड, फ्रायर ब्राक आदि धर्म संबंधी अवधारणा को बताते हुए इसके विविध पक्षों को उद्घाटित किया।

अगले सत्र में शिक्षक प्रतिभागियों से उन्होंने संवाद सत्र के माध्यम से गहन विचार विनिमय का अवसर भी प्रदान किया। सेंट जेविआर इंस्टीट्यूट् आफ एजुकेशन मुंबई की डाक्टर गीता शेट्टी ने कहा कि बदले परिवेश में टीचिंग, लर्निंग, और एवैल्यूएशन की प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत है।

इस दौरान प्राचार्य प्रोफेसर आनंद शंकर सिंह के अलावा डा. अनुज सलूजा, डा. दिव्या पांडेय, डा. जमील अहमद ने भी अपने विचार साझा किए। अब प्रक्रिया को ईवेलुएशन, लर्निंग और टीचिंग के प्रक्रिया के रूप में अपनाने की जरूरत है।

वर्तमान शिक्षण की लर्निंग प्रोसेस में कुछ नया करने की क्षमता का विकास अंतिम सोपान पर होता है, परंतु नए प्रोसेस को अपनाने पर यह क्षमता प्रथम सोपान पर होती है।

पहले की कुछ रचने का प्रयास विधार्थियो को अपने रचे को मूल्यांकन के लिए प्रेरित करती है। इसके साथ ही वह विश्लेषण करना भी शुरू कर देता है। कुल मिलाकर याद करने की क्रिया अंतिम सोपान पर आती हैं।

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