जौनपुर जिले के मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के हेमापुर तरहठी गांव में मंगलवार शाम फूड प्वाईंजनिंग से तीन बच्चों की मौत हो गई। हालत बिगड़ने पर एक महिला और वृद्ध को सीएचसी में भर्ती कराया गया।

हालात में सुधार होने पर दोनों बिना बताए घर चले गए। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वृद्ध को जिला अस्पताल भेज दिया। सभी ने रक्षाबंधन पर आई मिठाई खायी थी।

हेमापुर तरहठी गांव निवासी वकील वनवासी की बहन निशा बनवासी(30) निवासी रामपुर भरेडी नीभापुर, थाना मुंगराबादशाहपुर और उषा बनवासी निवासी भोजपुर, थाना मीरगंज रक्षाबंधन के दिन परिवार के साथ आयी थीं।

दोनों ने साथ में जंघई बाजार से मिठाई खरीदी थी। जिसे रक्षाबंधन के दूसरे दिन सोमवार शाम और मंगलवार को सुबह भी लोगों ने खाया। थोड़ी देर बाद सभी को उल्टी और दस्त होने लगी।

परिजन जब तक कुछ समझ पाते तब तक उषा की बेटी सजनी(6) पुत्री राजू बनवासी व निशा का बेटा किशन(5) पुत्र चौधरी बनवासी और सुनील(5) पुत्र वकील हेमापुर की मौत हो गई। जिससे घर में कोहराम मच गया।

हालत बिगड़ने पर वकील वनवासी की मां अमृता(56) व चचेरे भाई संतलाल(70) को देर रात स्थानीय सीएचसी में भर्ती कराया गया। जहां कुछ आराम मिलने पर दोनों बिना बताए घर चले गए। बाद में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को संतलाल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

मुंगराबादशाहपुर सीएचसी के आरपी सिंह प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि तीनों बच्चों की मौत फूड प्वाईजनिंग से मौत हुई है। मिठाई खराब हो गई थी, जिसे लोगों ने खा लिया था।

समय से आते तो बचाई जा सकती थी जान
प्रभारी चिकित्साधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि यदि बच्चों की तबीयत बिगड़ने बाद अस्पताल ले आया जाता तो जान बचाई जा सकती थी।

वहीं, ग्राम प्रधान चंद्रेश गुप्ता का कहना है कि परिजनों ने घटना को छिपाए रखा। जानकारी मिलने पर फौरन मदद की गई। सरकार से परिजनों को कुछ मदद मिल सके ।इसके लिए कोशिश की जा रही है। 

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