जेल वाहन से डकैतों के मददगार बंदियों के भागने के मामले में पांच पुलिस कर्मियों को एक-एक साल कैद की सजा सुनाई गई है। 18 साल पहले बंदियों को बांदा जेल से पेशी पर लाने के दौरान घटना हुई थी और पुलिसकर्मियों पर लापरवाही का मुकदमा दर्ज हुआ था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद यह निर्णय सुनाया।

अभियोजन अधिकारी सिद्धार्थ आनंद ने बताया कि वरिष्ठ उप निरीक्षक श्याम नारायण सरोज ने कोतवाली कर्वी में मुकदमा दर्ज कराया था कि 14 अक्टूबर 2003 को वह कांस्टेबल जगदीश सिंह, राजकुमार पांडेय के साथ शांति व्यवस्था ड्यूटी कस्बा कर्वी में लगे थे।

दोपहर करीब साढ़े 12 बजे पुलिस वाहन बांदा की तरफ से आकर रुका। हेड कांस्टेबल रामकुमार, टीकाराम उदय नारायण व सुरेश कुमार पुलिस लाइन चित्रकूट व कांस्टेबल चालक राजेंद्र प्रसाद पुलिस लाइन बांदा ने बताया कि जनपद कारागार बांदा से 16 बंदी न्यायालय चित्रकूट में पेशी के लिए ला रहे थे। रास्ते में सुबह करब सवा 11 बजे रसिन मोड पर गाड़ी में बैठे डकैतों के मददगार लखना उर्फ रामलखन पटेल समेत तीन बंदी भाग गए थे।

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