कोलकाता, 25 अगस्त । पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई व्यापक हिंसा की जांच के लिए सीबीआई ने “स्पेशल -109” टीम का गठन किया है। केंद्रीय जांच एजेंसी के सूत्रों ने बताया है कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक जांच शुरू कर दी गई है। 84 अधिकारियों समेत कुल 109 कर्मियों की एक टीम बनाई गई है जो राज्य भर में चुनावी हिंसा की जांच करेंगी। स्पेशल क्राइम ब्रांच का अतिरिक्त प्रभार सीबीआई में तैनात आईपीएस अखिलेश सिंह को दी गई है जो कोयला और गौ तस्करी की जांच का जिम्मा संभालते रहे हैं। उन्हें स्पेशल क्राइम ब्रांच का हेड बनाया गया है। वह हत्या और दुष्कर्म के सभी मामलों की जांच अपने स्तर पर करेंगे।

टीम में कुल 84 जांच अधिकारियों में से आईओ, इंस्पेक्टर और डीएसपी रैंक के अधिकारी हैं। इसके अलावा 25 अधिकारी संयुक्त निदेशक, डीआईजी, एसपी रैंक के हैं। प्रत्येक जोन टीम में 21 जांच अधिकारी या आईओ होंगे। राज्य पहले ही चीर संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी पहुंच चुके हैं। ज्यादातर डीआईजी और एसपी रैंक के हैं। आज पूरी टीम बैठक करेगी और जांच के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करेगी।

इस बीच, सीबीआई से पत्र मिलने के बाद डीजी के निर्देश पर राज्य में दर्ज चुनाव के बाद हुई हिंसा की प्राथमिकी की प्रति और मामले का विवरण सीबीआई कार्यालय पहुंचने लगा है। डीजी के निर्देशन में सभी जिलों के एसपी रिपोर्ट भेज रहे हैं। राज्य पुलिस द्वारा भेजे गए मामले के विवरण की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामले में पांचों जजों की अलग-अलग राय थी, लेकिन सभी ने सर्वसम्मति से गंभीर आरोपों की जांच सीबीआई को सौंप दी है। सीबीआई पांच जजों की संवैधानिक पीठ की देखरेख में हत्या, बलात्कार और बलात्कार के प्रयास के आरोपों की जांच करेगी, जबकि सिट अन्य आरोपों की जांच करेगी। सीबीआई सूत्रों ने बताया है कि इन अधिकारियों की टीम प्रत्येक जिले का दौरा करेगी और चुनाव बाद हुई हिंसा में प्रभावित लोगों से मुलाकात कर आरोपितों की सूची तैयार करेगी। इसके अलावा हमलावरों की गिरफ्तारी का सिलसिला भी शुरू किया जाएगा।

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