इंदौर में कोविड-19 की बंदिशों में ढील के साथ आगामी पर्व-त्योहार सार्वजनिक रूप से मनाने की प्रशासनिक अनुमति मांगने बुधवार को सड़क पर उतरे कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठियां चलाईं और पानी की तेज बौछारें डालीं।

चश्मदीदों ने बताया कि कांग्रेस द्वारा आयोजित मौन जुलूस में शामिल प्रदर्शनकारियों ने मोती तबेला क्षेत्र में अवरोधक हटाकर जिलाधिकारी कार्यालय में घुसने की कोशिश की, तो पहले पुलिस ने उन पर पानी की तेज बौछारें छोड़ीं और बाद में उन पर लाठियां चलाईं।

चश्मदीदों के मुताबिक पुलिस के बल प्रयोग से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भगदड़ मच गई। ये कार्यकर्ता तिरंगा और भगवा झंडों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। इस बीच, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने एक बयान में राज्य की भाजपा सरकार पर “दोहरे चरित्र” का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की हालिया “जन आशीर्वाद यात्रा” को इंदौर में खुली छूट दी गई।

लेकिन कांग्रेस द्वारा शहर में गणेश उत्सव, अनंत चतुर्दशी और पर्युषण जैसे आगामी पर्व-त्योहार सार्वजनिक रूप से मनाने की अनुमति मांगे जाने पर प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग कर उनका दमन किया गया। राज्य की पूर्व मंत्री विजयलक्ष्मी साधौ और स्थानीय विधायक जीतू पटवारी ने इंदौर में कांग्रेस के मौन जुलूस की अगुवाई की।

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