उत्तर प्रदेश में सुशासन और रामराज होने का सरकार लगातार दावा करती नजर आ रही है महिलाओं और आम जनता की हिफाजत की बार बार सूबे के मुखिया लगातार करते आ रहे हैं लेकिन अपराध और अपराधियों के हौसले लगातार बुलंदियों पर हैं ऐसे में एक तस्वीर उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले की है जहां दबंगों के खौफ से एक साथ 25 परिवारों के 55 लोगों ने अपने-अपने घरों से पलायन कर दिया और गांव के बाहर दूसरों के खेतों में छप्पर डालकर रहने को मजबूर हो गए पहली बार ऐसा हुआ होगा की एक साथ 25 परिवारों ने किसी डर की वजह से पलायन कर दिया ।

खुला आसमान बिगड़ा मौसम और सर छुपाने को महज कुछ छप्पर यह तस्वीर है उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले के मंगलपुर थाना क्षेत्र के टिसौली गांव की, खेतों में छप्पर डाल के अपना आशियाना बनाते यह लोग.

दरअसल तमाम लोग ना तो बंजारे हैं और ना ही खानाबदोश हकीकत तो यह है की इनके अपने भी मकान हैं जिसे इन्होंने संजोकर बनाया था और मकान को घर में बदल दिया था लेकिन उनके परिवार की खुशी को शायद नजर लग गई गांव के ही कुछ दबंगों दीपू,अहमद,राजेन्द्र की नजर परिवारों के घरों पर थी और वह उसे कब्जा करना चाहते थे जिसका विरोध इन परिवार के लोगों ने किया लेकिन दबंगों की ताकत और रुतबे के आगे यह बेचारे टिक न सके आरोप है कि दबंगों ने घर में रहने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी और इन लोगों को मारा पीटा भी जिसके बाद यह परिवार पुलिस की दहलीज पर न्याय की गुहार भी लगा रहा था लेकिन शायद इनकी सुनने वाला कोई भी नहीं था दबंगों का खौफ इस कदर बुलंद था की इन 25 परिवारों को अपने परिवार के 55 सदस्यों के साथ गांव से पलायन करना पड़ गया हालांकि यह परिवार गांव से करीब 1 किलोमीटर दूर दूसरों के खेत में छप्पर डालकर रहने को मजबूर है और डर इतना कि अपने घर तक जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा ।

प्रदेश में कानून का राज कायम करना यह सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है लेकिन कानपुर देहात की इस घटना ने प्रदेश में कानून का राज कितना कायम है इस बात की पोल खोल दी है जहां लगातार सूबे के मुखिया हर किसी को सुरक्षा और सुरक्षित होने का विश्वास दिलाते हैं तो वही इन परिवारों में दबंगों के खौफ से बेघर हो जाना सरकार के दावों पर सवाल खड़े करता है अधिकारी मूर्ख दर्शक बने हैं और दबंगों की दबंगई अपने चरम पर है यहां 1 – 2 नहीं बल्कि 25 परिवारों का पलायन हुआ है जिसमें पारिवारिक सदस्यों की संख्या 55 है बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को दबंगों की दबंगई झेलनी पड़ रही है घर में रहना इतना भी सुरक्षित नहीं रहा कि यह अपने घर वापस जा सके गांव में वापस आने पर दबंगों ने जान से मारने की धमकी भी दी है हालांकि पीड़ितों ने नजदीकी थाना पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया है लेकिन पुलिस की कार्यशैली तो जगजाहिर है ऐसे में बड़ा सवाल ये उठता है कि आखिर कब तक दबंगों के हौसलों के आगे जनपद की पुलिस और प्रशासन बौने साबित होंगे,फिलहाल कानपुर देहात पुलिस ने मीडिया के दखल पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और कुछ लोगों को गिरफ्तार भी के लिया है।

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