पुलिस के मुताबिक होजरी कारोबारी की की ह्त्या तंत्र-मंत्र के चलते की गई,

आपको बता दे कि बीती 13 अगस्त को फजलगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले होजरी कारोबारी नीरज दीक्षित लापता हो गए थे,जिसके बाद परिजनों ने फजलगंज थाने में नीरज की गुमशुदगी दर्ज कराई थी,,,पुलिस नीरज की तलाश कर पाती उससे पहले ही नीरज की ह्त्या हो गई,17 अगस्त को नीरज का शव हमीरपुर के कुरारा के जंगलो में मिला,

मृतक के कपड़ो से उसकी पहचान हुई,हमीरपुर पुलिस ने मृतक का शव कानपुर के फजलगंज पुलिस के हवाले किया,

जिसके बाद कानपुर में शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद गुमशुदगी की धारा को ह्त्या में तब्दील कर दिया गया,

नीरज की ह्त्या को सुलझाने और आरोपियों की गिरफ्तारी करना पुलिस के लिए चुनौती पूर्ण था,लेकिन जिस दिन से नीरज लापता हुआ था उस दिन से लेकर कानपुर पुलिस ने कड़ियों को जोड़ना शुरू किया,पुलिस ने मृतक नीरज के मोबाइल की काल डिटेल्स को खंगालना शुरू कर दिया,जिसमे शैलेन्द्र कुशवाहा और धर्मेंद्र की ज्यादा काल डिटेल्स मोबाइल फोन में मिली,,,पुलिस महाराजपुर से दोनों को पकड़कर थाने लाई,और जब उनसे पूंछताछ कि तब उन्होंने ह्त्या की वारदात को अंजाम देना कबूल कर लिया,

कानपुर पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा महज 48 घंटो में ही कर दिया,,,प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एडीसीपी डॉ अनिल कुमार ने बताया कि मृतक की पत्नी के किसी से अवैध सम्बन्ध थे,जिससे वो काफी परेशान रहता था,

उसी दौरान उसके तीन नए दोस्त बने शैलेन्द्र कुशवाहा,,धर्मेंद्र और श्यामू कुशवाहा उसको ने उसको तांत्रिको में उलझकर पैसा वसूलना शुरू कर दिया,

13 अगस्त को उसके तीनो दोस्त उसको तांत्रिक से मिलवाने फतेहपुर ले गए,,,जंहा किसी बात पर उनका आपस में विवाद हो गया,

अपने को फंसता देख तीनो ने मिलकर नीरज की गला दबाकर ह्त्या कर दी,,,और उसके शव को हमीरपुर के जंगलो में फेंक दिया,17 अगस्त को हमीरपुर पुलिस ने कानपुर की पुलिस से संपर्क कर उनको इससे अवगत कराया,जिसके बाद शव फजलगंज के होजरी कारोबारी नीरज दीक्षित के रूप में हुई,,,फिलहाल पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले शैलेन्द्र कुशवाहा और धर्मेंद्र को गिरफ्तार कर लिया जबकि उनके तीसरे साथ श्यामू कुशवाहा की है,

ब्यूरो रिपोर्ट कमर आलम

Share.

Comments are closed.