ओपी राजभर ने कहा कि आजादी के बाद अति पिछड़े, अति दलितों की लड़ाई सिर्फ ओपी राजभर ने लड़ी है. राजभर ने कहा कि अमित शाह ने कई वादे किए थे, लेकिन कोई वादा पूरा नहीं किया।

राजभर ने कहा कि कई जातियां ऐसी हैं जो रोजगार, राजनीति, शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में पिछड़ी हुई हैं। इन जातियों को हिस्सेदारी देने के लिए कोई तैयार नहीं है। इनका वोट लेने के लिए सब आ जाते हैं।

हम लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है। इस दौरान उन्होंने मंच पर मौजूद निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद को साथ आने का भी न्योता दिया। राजभर ने कहा कि बसपा-सपा ने 17 जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव दिल्ली भेजा था,

लेकिन बीजेपी ने लोकसभा और राज्यसभा में इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया. मैं चुनौती देता हूं कि बीजेपी पिछड़ों को आरक्षण दे. बीजेपी गुमराह कर रही है. बीजेपी वोट की राजनीति कर रही है. पिछड़ों और दलितों के साथ हमेशा धोखा हुआ है।

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