यूपी के बिजनौर में कथित रूप से पुलिस की पिटाई से एक युवक की मौत के मामले में अदालत के आदेश पर सात पुलिसकर्मियों सहित 12 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

जिला पुलिस कार्यालय के अनुसार, नूरपुर के गांव झीरन निवासी जयपाल ने निचली अदालत में प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया था कि 12 जुलाई को 4-5 लोगों ने उसके बेटे से कहासुनी होने पर पुलिस को बुला लिया था। परिजनों ने पुलिस पर जबरन अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने का आरोप लगाया है।

पीटते हुए साथ ले जाने का आरोप

परिजनों ने आरोप लगाया कि थाना नूरपुर के दरोगा शहजाद अली और एक अन्य दरोगा शिवकुमार समेत पुलिसवाले उसके पुत्र को बुरी तरह पीटते हुए अपने साथ कहीं ले गए।

जयपाल ने शिकायत में आरोप लगाया कि 17 जुलाई शाम को दरोगा शहजाद कुछ पुलिस वालों के साथ उनके घर आए और उन्हें गंगा बैराज ले गये जहां मौजूद 20-25 पुलिस वालों ने उनके मृत बेटे का उनकी मर्जी के विरुद्ध दाह संस्कार कर दिया।

परिवारके पांच लोगों को किया था घायल

पुलिस ने बताया कि बिजनौर जिले के नूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जीरन में 12 जुलाई को नीटू कुमार की गांव के ही कल्लन, कल्याण, मनीष, दिलीप और छोटू से कहासुनी हो गई थी, जिसके बाद रात में नीटू कुमार ने कल्लन के घर में घुसकर कल्लन और परिवार के पांच लोगों को चाकू मारकर घायल कर दिया।

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भीड़ ने मौके पर नीटू को पकड़ लिया था। पुलिस को सौंप दिया। मेडिकल कराने भेजा गया जिला अस्पताल से पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था। पांच दिन बाद 17 जुलाई को नीटू का शव एक पेड़ पर लटका मिला।

युवक के पिता जयपाल ने थाने में तैनात दरोगा शहजाद अली, शिवकुमार और सिपाही सचिन कुमार के अलावा सात पुलिसकर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज कराया।

उन्होंने इस मामले में कल्लन, मनीष, मनीष पुत्र दिलीप, देशी और चमन आदि पर भी आरोप लगाया कि उन्होंने साजिश कर उनके बेटे की हत्या की और उसे गायब कर दिया।

जबरन कागज पर अंगूठा लगवाने का आरोप


परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें अपशब्द बोलते हुए उनसे जबरन कोरे कागज पर अंगूठा लगवाया। पुलिस के इस मामले में कोई कार्रवाई न करने पर जयपाल ने अदालत से न्याय की गुहार लगाई थी। अदालत ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच करने के आदेश दिए हैं।

थाना प्रभारी रविन्द्र वर्मा ने 7 पुलिसकर्मियों समेत 12 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।

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