उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद के दुबौलिया थाने पर तैनात आशिक मिजाज दारोगा अशोक कुमार चतुर्वेदी को ग्रामीणों ने गांव में रंगरलिया मानते पकड़ लिया जिसके बाद बस्‍ती के एसपी ने दारोगा पर लगे आरोपों को सही मानते हुए उसे तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

बस्‍ती के दुबौलिया थाने पर तैनात आशिक मिजाज दारोगा को बुधवार/ गुरुवार की देर रात ग्रामीणों ने एक युवती के घर से निकलते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया था।

जानकारी के अनुसार पहले से ही नजर गड़ाए ग्रामीण बाहर लाठी-डंडा लिए उसके निकलने का इंतजार करते रहे। भोर में करीब 3 बजे दारोगा अशोक बाहर निकला तो खुद को घिरा देख अपनी सरकारी पिस्टल से हवाई फायर कर दिया।

नाराज ग्रामीणों ने जमकर पिटाई के बाद उसे खंभे से बांध दिया और लाठी-डंडों से धुना। ग्रामीणों की ही सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष मनोज त्रिपाठी किसी तरह उसे ग्रामीणों से छुड़ाकर थाने ले गए।

इस बारे में बस्‍ती के एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया दारोगा पर लगे आरोपों को सही मानते हुए उसे तत्काल प्रभाव से कप्तान ने निलंबित कर दिया है। एएसपी और सीओ को जांच के लिए गांव भेजा गया है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

करीब दो साल से दुबौलिया थाने पर ही तैनात दारोगा अशोक की आशिक मिजाजी की चर्चा पूरे क्षेत्र में है। करीब चार महीने पहले ग्रामीणों ने आला अधिकारियों से उसकी गलत हरकतों की शिकायत की थी।

थाने से हटाए जाने के बाद पता नहीं कैसे फिर उसने ऐसा जुगाड़ लगाया कि फिर से दुबौलिया आ गया। मनचला दरोगा अशोक बुधवार की देर रात पल्सर बाइक से थाना क्षेत्र के ऊंजी गांव पहुंचा और एक घर में घुस गया।

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