असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने ओलंपिक खेलों की मुक्केबाजी प्रतिस्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली लवलीना बोरगोहेन को बृहस्पतिवार को एक करोड़ रुपये दिए और राज्य पुलिस बल में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) पद की पेशकश की।

सरमा ने कहा कि सरकार ने राज्य से पहला ओलंपिक पदक जीतने वाली लवलीना को 2024 के पेरिस ओलंपिक तक छात्रवृत्ति के रूप में प्रतिमाह एक लाख रुपये देने का भी फैसला किया है क्योंकि “उनकी नजर वहां स्वर्ण जीतने पर है।’’

सरमा ने कहा कि वह आने वाली पीढ़ी के लिए हमेशा “प्रेरणा और उम्मीद का प्रतीक” रहेंगी तथा गुवाहाटी में उनके नाम पर एक सड़क का भी नाम रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि लवलीना के चार कोचों- प्रशांत दास, पदुम बरुआ, संध्या गुरुंग और राफेल गामावस्का को असम के लोगों की ओर से आभार के तौर पर 10-10 लाख रुपये दिए जाएंगे।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरूपथर निर्वाचन क्षेत्र में मुक्केबाजी अकादमी के साथ एक खेल परिसर स्थापित किया जाएगा ताकि कई और ग्रामीण प्रतिभाओं को बढ़ावा दिया जा सके। लवलीना का गांव बारो मुखिया इसी क्षेत्र में आता है।

सरमा ने कहा, ‘‘लवलीना ने राज्य के लिए पहला (ओलंपिक) पदक लाकर प्रदेश के इतिहास में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में लिखवा लिया है। हमें उन पर बहुत गर्व है और राज्य के सभी लोगों की ओर से, मैं उन्हें बधाई और धन्यवाद देता हूं।’’

इस अवसर पर लवलीना ने कहा कि हालांकि वह देश के लिए एक पदक लाई और खाली हाथ नहीं लौटी, लेकिन उन्हें स्वर्ण नहीं जीत पाने का दुख है।

सरमा ने कहा कि उनकी उपलब्घि पर राज्य को हमेशा गर्व होगा। उन्होंने कहा, “एक दूरदराज के गांव से ओलंपिक तक की उनकी यात्रा, गरीबी, मां की बीमारी और पिता के संघर्षों सहित विभिन्न बाधाओं को पार करते हुए, उम्मीद है कि उनसे कई लोगों को प्रेरणा मिलेगी और राज्य में कई और लवलीना सामने आएंगे।’’

उन्होंने तीन अन्य ओलंपिक खिलाड़ियों – मुक्केबाज शिव थापा, बैडमिंटन खिलाड़ी दीपांकर भट्टाचार्य और तीरंदाज जयंत तालुकदार के साथ-साथ एथलीट हिमा दास के योगदान का जिक्र किया जिन्होंने राज्य और देश को गौरवान्वित किया है।

भावुक लवलीना ने कहा, “असम के लोगों ने मेरे लिए प्रार्थना की और इससे मुझे बहुत ताकत मिली।’’ उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को खेलने के लिए प्रोत्साहित करें और खेलों में उनकी प्रतिभा को निखारें।

राज्यपाल जगदीश मुखी और उनकी पत्नी प्रेम मुखी ने भी शाम को राजभवन में उन्हें सम्मानित किया। राज्यपाल ने कहा, “दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजन में लवलीना की जीत प्रदेश और देश भर के युवाओं को प्रेरित करेगी।’’ उन्होंने लवलीना को पांच लाख रुपये का चेक भी भेंट किया।

बाद में, असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेन बोरा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें सिटी होटल में सम्मानित किया, जहां वह ठहरी हुयी हैं। उन्हें एक प्रशस्ति पत्र के साथ तीन लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया।

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