छतरपुर। छतरपुर शहर में एक 13 साल के बच्चे के द्वारा फांसी लगाने का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। बच्चे के द्वारा मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलते हुए जब पैसे गवां दिए गए और इस बात की भनक उसकी मां को लगी तो मां ने बच्चे को डांट दिया। इसी बात से नाराज और निराश बच्चे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बच्चा अपने मां-बाप का इकलौता चिराग था।
ये है पूरा मामला

सागर रोड पर पैथालॉजी संचालित करने वाले विवेक पाण्डेय की पत्नि प्रीति पाण्डेय जिला अस्पताल में पदस्थ हैं। इस दम्पत्ति को एक बेटा कृष्णा पाण्डेय एवं एक बेटी है। पिता पैथालॉजी पर थे जबकि प्रीति पाण्डेय जिला अस्पताल में थीं। इसी दौरान मां को पता लगा कि उनके खाते से लगभग 1500 रूपए कट गए हैं। इस पर मां ने घर पर मौजूद बेटे को फोन लगाया और कृष्णा से पूछा कि ये पैसे क्यों कट गए। बेटे ने बताया

कि यह ऑनलाईन गेम के कारण कटे हैं। इस बात पर मां ने नाराजगी जताई। फोन पर मां और बेटे की बातचीत खत्म होने के बाद कृष्णा अपने कमरे में चला गया और भीतर से कमरे को बंद कर लिया। घर में मौजूद बड़ी बहिन ने कुछ देर बाद कमरे का दरवाजा खुलवाया तो वह भीतर से लॉक था। बेटी ने पिता को इस बात की खबर दी, जब मां-बाप घर पहुंचे तो दरवाजे को तोड़ा गया। भीतर देखने पर पता लगा कि बेटा पंखे से

दुपट्टे का फंदा बनाकर लटक रहा है। बेटे का अंतिम संस्कार देर शाम सागर रोड के भैंसासुर मुक्तिधाम में किया गया।
सुसाईड नोट में बताया सच

शहर के सुमति एकेडमी में कक्षा 6वीं में पढऩे वाला कृष्णा पाण्डेय पिछले कुछ दिनों से ऑनलाईन गेम फ्री फायर का शिकार हो चुका था। इस खेल में कई लोग ऑनलाईन शामिल होते हैं और रूपए लगाकर हारजीत करते हैं। मौत के बाद कृष्णा के पास से एक सुसाइड नोट बरामद

हुआ है जिसमें उसने बताया कि वह लगभग 40 हजार रूपए इस फ्री फायर गेम के कारण गवां चुका है। आज भी वह 900 रूपए इस खेल में

हारा था। माता-पिता को इस बात की भनक न लगे इसलिए वह दुखी होकर आत्महत्या कर रहा है।

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