नयी दिल्ली, 30 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) की वर्तमान कुलपति नजमा अख्तर की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को केंद्र सरकार, केंद्रीय सतर्कता आयोग और विश्वविद्यालय से जवाब तलब किया।

एकल न्यायाधीश की पीठ ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका को पांच मार्च को खारिज कर दी थी। इस निर्णय के खिलाफ खंडपीठ में याचिका दायर की गयी है।

न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की एक पीठ ने याचिका पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग और अख्तर को नोटिस जारी कर अधिकारियों से जवाब तलब किया और मामले की अगली सुनवाई के लिए 22 सितंबर की तारीख तय की।

विश्वविद्यालय के विधि संकाय के पुरातन छात्र एम एहतेशाम उल हक की याचिका में कहा गया था कि नियुक्ति प्रक्रिया में यूजीसी के नियमों और जामिया मिल्लिया इस्लामिया अधिनियम का पालन नहीं किया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील मुबाशिर सरवर और एम जे शेख ने दावा किया कि अख्तर की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया में पद और प्रभाव का बेजा इस्तेमाल किया गया और जामिया मिल्लिया इस्लामिया अधिनियम का उल्लंघन किया गया।

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