भारत के साथ पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर गतिरोध के बीच चीन की तरफ से लगातार नई-नई योजनाएं बनाई जा रही हैं। चीन ने युवा तिब्बतियों को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में शामिल करने के प्रयास तेज कर दिया है।

चीन चाहता है कि तिब्बती युवा सेना में शामिल होने के साथ ही स्थानीय मिलिशिया में भर्ती हों और बॉर्डर पर गाइड के रूप में कार्य करें। चीन की तरफ से अपनी सैन्य स्थिति को मजबूत करने और अपने एयरबेस को अपग्रेड करने का काम लगातार जारी है।

70 से अधिक तिब्बती छात्रों की भर्ती

पीएलए ने इस साल टीएआर में सैन्य अकादमी में प्रवेश के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों से 17 से 20 आयु वर्ग के 70 से अधिक तिब्बती छात्रों की भी भर्ती की है। एक अधिकारी ने कहा, ‘यह सीमावर्ती गांवों के तिब्बती निवासियों को भी शामिल कर रहा है, जिन्हें एलएसी का अच्छा भौगोलिक ज्ञान है, ताकि वे अपने गश्त दलों के साथ गाइड के रूप में काम कर सकें।’

चुम्बी घाटी में मिलिशिया का नया ग्रुप

टीओआई ने पहले खबर छापी थी कि पीएलए ने एक साथ टीएआर में यातुंग काउंटी के तहत, सिक्किम के सामने चुम्बी घाटी में मिलिशिया का एक नया ग्रुप खड़ा किया है। इन लड़ाकों में से एक को ‘मिमांग चेटन’ (एमसी) के रूप में जाना जाता है, जिसका अर्थ है ‘जनता के लिए’। इसमें पीएलए की तरफ से प्रशिक्षित स्थानीय तिब्बती युवा शामिल हैं।

एक बैच में लगभग 100 युवाओं के साथ एमसी के कम से कम दो बैचों को ट्रेनिंग खत्म करने के बाद युतुंग, चीमा, रिनचेंगंग, पीबी थांग और फारी जैसे क्षेत्रों में चुम्बी घाटी के विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है।

कोर कमांडर-लेवल वार्ता के 12वें दौर से पहले गतिविधियां तेज

भारतीय सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि नवीनतम खुफिया रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि चीन ने तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (TAR) के नगारी प्रान्त जैसे कुछ क्षेत्रों में प्रत्येक तिब्बती परिवार के लिए कम से कम एक युवा पुरुष सदस्य को पीएलए में शामिल होना ‘अनिवार्य’ बना दिया है।

लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक फैले 3,488 किलोमीटर की वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ सभी सेक्टर में तिब्बतियों की भर्ती और पीएलए गतिविधि में बढ़ोतरी भारत और चीन के बीच कोर कमांडर-लेवल वार्ता के 12वें दौर से पहले हुई है।

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