कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान देश में ऑक्सिजन को लेकर हाहाकार मचा था। मगर सरकारी रिकॉर्ड कहता है कि ऑक्सिजन की कमी से एक भी मौत नहीं हुई।

बुधवार को राज्‍यसभा में स्‍वास्‍थ्‍य राज्‍य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने कहा कि केंद्र को ऑक्सिजन की कमी से किसी मरीज की मौत होने की रिपोर्ट नहीं मिली। अगले 24 घंटों में हमने कई राज्‍यों की सरकारों से भी यही बात सुनी। मगर हकीकत तो कुछ और ही है।

अप्रैल-मई के बीच देशभर में मेडिकल ऑक्सिजन की भारी कमी रही। यह कोई हवा-हवाई बात नहीं। हजारों रिपोर्ट्स मौजूद हैं, सैकड़ों गवाह हैं। हमने कुछ राज्‍यों में उन लोगों से बात की, जिन्‍होंने ऑक्सिजन की कमी से अपनों को खोया है।

उनसे पूछा कि सरकार जो दावा कर रही है, उसमें कितनी सच्‍चाई है। जनता ने जो जवाब दिए और उन जवाबों में जो सवाल छिपे हैं, उनसे सरकारी दावे की धज्जियां उड़ती नजर आती हैं।

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