संयुक्त राष्ट्र, 21 जुलाई (एपी) म्यांमा की सेना ने संयुक्त राष्ट्र में देश के राजदूत को बदलने की फिर से कोशिश करते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्था को पत्र लिखा है।

संयुक्त राष्ट्र में म्यांमा के राजदूत क्याव मोए तुन ने देश में एक जनवरी को हुए सैन्य तख्तापलट और असैन्य नेता आंग सान सू ची को हटाए जाने का विरोध किया था।

म्यांमा के विदेश मंत्री वुना माउंग ल्विन ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस को लिखे एक पत्र में कहा कि उन्होंने पूर्व सैन्य कर्मी आंग थुरीन को संयुक्त राष्ट्र में म्यांमा का राजदूत नियुक्त किया है। इस पत्र की एक प्रति मंगलवार को ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को मिली।

ल्विन ने इस पत्र के साथ संलग्न एक अन्य पत्र में कहा कि ”अपने कर्तव्य और जनादेश का पालन नहीं करने के कारण तुन की सेवा 27 फरवरी, 2021 को समाप्त कर” दी गई।

तुन ने 26 फरवरी को म्यांमा पर महासभा की बैठक में देश में लोकतंत्र की बहाली के लिए ”अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़े से कड़ा कदम उठाने की” अपील की थी।

तुन ने भाषण में कहा था, ”हम एक ऐसी सरकार के लिए लड़ना जारी रखेंगे जो लोगों की, लोगों द्वारा, लोगों के लिए है।” महासभा की बैठक में राजनयिकों ने तुन के भाषण की खूब सराहना की थी और इसे साहसिक करार दिया था।

तुन को पद से हटाने की सेना की पहली कोशिश नाकाम हो गई थी और 12 मई के विदेश मंत्री के पत्र पर कोई कदम उठाए जाने की जानकारी नहीं मिली है।

राजनयिकों को मान्यता देने का प्रभार 193 सदस्यीय महासभा के पास है। मान्यता के लिए अनुरोध को पहले इसकी नौ सदस्यीय परिचय समिति के पास भेजा जाता है, जिसमें इस वर्ष कैमरून, चीन, आइसलैंड, पापुआ न्यू गिनी, रूस, त्रिनिदाद और टोबैगो, तंजानिया, अमेरिका और उरुग्वे शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र के उप प्रवक्ता फरहान हक ने कहा कि जहां तक उन्हें पता है, समिति की कोई बैठक निर्धारित नहीं की गई है।

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