रिश्वत न देने पर आग बबूला हुआ दरोगा, पिटाई के बाद किया 151 में दूसरे दिन चालान । आखिर कब संज्ञान लेंगे बिगड़ैल सिपाहियों और दरोगा के कारनामों का संज्ञान । दोआबा में हो रहा है पासी समाज पर पुलिसिया आतंक ।

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद में पुलिस की गुंडई सिर चढ़कर बोल रही है l थाना चरवा क्षेत्र के चौकी इंचार्ज बरियावां अरुण कुमार मौर्या ने एक दलित सुरेश पासी को इस तरह से अर्धनग्न कर सिपाहियों से पिटवाया कि पीड़ित चलने को मोहताज है ।

पीड़ित ने बताया कि वह मजदूरी करने चला गया था तो 18 जुलाई को पुलिस उसके घर गई और उसके पत्नी से कहा कि अपने पति को सुबह चौकी भेज देना । सुबह जब पीड़ित अपनी पत्नी और बच्चों के साथ चौकी गया तो दरोगा ने इंतजार करने के लिए बैठा दिया । लगभग 11 बजे पीड़ित का विपक्षी जगतपाल चौकीदार आया और दरोगा से कानाफूसी करने के बाद बाहर निकल गया।

चौकी इंचार्ज ने पीड़ित सुरेश पासी को बुलाया और विवाद का कारण पूछा । पीड़ित ने कहा कि मेरे घर के सामने जगतपाल कूड़ा फेंकता है और नाली का पानी बहता है लेकिन फिर भी मैं नहीं बोलता हूं । इतने में चौकी इंचार्ज ने उसे गाली देते हुए कई हाथ मारा और सिपाहियों से कहा इसको बंद कर दो । चौकी के दबंग सिपाही ऋषि अत्रि और राधेश्याम उसे दूसरे कमरे में खींच कर ले जा रहे थे तभी उसकी पत्नी और बच्चे ने विरोध किया ।

पीड़ित ने बताया कि उसकी पत्नी को भी ऋषि ने मारा पीटा और गाली देकर बाहर कमरे से बाहर धक्का मार के गिरा दिया । सुरेश को कमरे मे बंद कर इतनी बुरी तरह से पिटाई किया कि वह चलने फिरने को मोहताज है । दरोगा ने चौकीदार को छोड़ दिया और पीड़ित को शाम को थाने ले गए । थाने मे रात को सिपाही रिषी उससे दो बीयर का पैसा लेकर छोड़ दिए ।

दूसरे दिन फिर चौकी इंचार्ज ने पीड़ित सुरेश और चौकीदार को बुलाया । सिपाही राधेश्याम और ऋषि ने बाइक पर बैठा कर उनको थाने ले गए और वहां पर फिर सुरेश की पिटाई किए । पिटाई करने के बाद दोनों पार्टी को सिपाहियों ने बाइक मे बैठाकर पीएचसी चायल ले जाकर डॉक्टरी कराए और 151 में चालान कर दिया । पीड़ित ने उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री योगी को पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है ।

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