मानसून सत्र का दूसरा दिन भी हंगामेदार रहा। हंगामे के बीच विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, “मैं अपमानित महसूस कर रहा हूं क्योंकि मुझे बोलने नहीं दिया गया। मैं पचास साल से सदस्य हूं और 2019 को छोड़कर चुनाव नहीं हारा जब चुनाव में धांधली हुई थी।”

केंद्र पर कोविड-19 संबंधी आंकड़े छिपाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को विपक्षी दलों के नेताओं ने राज्यसभा में दावा किया कि इस महामारी के प्रबंधन में सरकार पूरी तरह विफल रही है वहीं सत्ता पक्ष ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की पुख्ता नींव और कई पहलों की वजह से इस महामारी के दौर में देश मजबूती से खड़ा रहा।

”देश में कोविड-19 महामारी का प्रबंधन, टीकाकरण का कार्यान्वयन और संभावित तीसरी लहर को देखते हुए नीति और चुनौतियां” विषय पर उच्च सदन में अल्पकालिक चर्चा की शुरुआत करते हुए विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कोविड-19 के नतीजे इतने भयावह होंगे, इसका अनुमान नहीं था। उन्होंने कहा ”लेकिन देश इस महामारी की दूसरी लहर से गुजरा और कहा जा रहा है कि हम तीसरी लहर के मुहाने पर खड़े हैं। इस महामारी से मिले घाव कभी नहीं भरेंगे।”

प्रधानमंत्री समस्याएं सुलझाने में विफल रहे और स्वास्थ्य मंत्री को उन्होंने बलि का बकरा बना दिया

इस महामारी से निपटने में सरकार पर विफलता का आरोप लगाते हुए खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री समस्याएं सुलझाने में विफल रहे और स्वास्थ्य मंत्री को उन्होंने बलि का बकरा बना दिया।

उन्होंने कहा ”प्रवासी कामगार, नौकरी-रोजगार जाना, अस्पतालों में बेड-ऑक्सीजन न मिलना, लॉकडाउन और अर्थव्यवस्था का तबाह होना…। सरकार ने इस पर चिंता नहीं जताई। सरकार को विज्ञापन दिखाने में, लुभावनी बातें करने और उन्हें बार बार दोहराने में महारत हासिल है। ”

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